सुरक्षा समितियों में आधी आबादी गायब

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सलूंबर जिले के CLG में 341 सदस्यों में सिर्फ 2 महिलाएं, कई थानों में एक भी नहीं
सलूंबर, 7 मार्च:
महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस थानों में बनाए जाने वाले कम्युनिटी लाइजनिंग ग्रुप (CLG) में सलूंबर जिले में महिलाओं की भागीदारी बेहद सीमित है। विश्व महिला दिवस के अवसर पर सामने आए आंकड़ों के अनुसार जिले के 8 थानों में कुल 341 CLG सदस्य हैं, लेकिन इनमें केवल 2 महिलाएं ही शामिल हैं, जिससे सुरक्षा समितियों में आधी आबादी की भागीदारी लगभग नदारद दिखाई देती है।
सीएलजी पुलिस और आमजन के बीच संवाद बढ़ाने के लिए बनाई गई समिति होती है, जिसमें समाजसेवी, व्यापारी, शिक्षक और जनप्रतिनिधि शामिल होकर कानून व्यवस्था, सामाजिक विवाद और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हैं।
जिले में सबसे बड़े CLG वाले सलूंबर थाने में 100 सदस्यों में केवल रोशना कुंवर एकमात्र महिला हैं, जबकि जावर माइन्स थाना क्षेत्र में 19 सदस्यों में सीमा मीणा एकमात्र महिला सदस्य हैं। इसके अलावा सेमारी, सराड़ा, गींगला, झल्लारा, लसाडिया और कूण थानों के CLG में एक भी महिला सदस्य नहीं है।
सलूंबर विधायक शांता अमृतलाल मीणा ने कहा कि सुरक्षा और सामाजिक निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी जरूरी है। वहीं पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार यादव के अनुसार महिलाओं को जोड़ने के लिए “सुरक्षा सखी” टीम के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक संकोच और जागरूकता की कमी भी इसका बड़ा कारण है।