बहराइच में भगवा झंडा फहराने पर हत्या के मुख्य आरोपी को फांसी की सजा, 9 को उम्रकैद

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बहराइच, 12 दिसम्बर: सालभर पहले बहराइच में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा में रामगोपाल मिश्रा की हत्या का मामला गुरुवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंचा। मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी की सजा सुनाई गई, जबकि उसके पिता अब्दुल हमीद, दो भाई—फहीम और तालिब समेत कुल 9 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई।
13 अक्टूबर 2024 को महराजगंज बाजार में दुर्गा पूजा के दौरान हिंसा भड़की। रामगोपाल मिश्रा सरफराज के घर की छत पर चढ़कर वहां लगे इस्लामिक हरे झंडे को हटाकर भगवा झंडा फहराया था। इस पर नाराज सरफराज ने पहले गोली मारी और फिर अन्य साथियों के साथ मिलकर रामगोपाल की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
बहराइच के अपर सत्र न्यायाधीश (ADJ) की अदालत ने 13 महीने 28 दिन की सुनवाई के बाद गुरुवार को फैसला सुनाया। 13 अभियुक्तों में से 10 को दोषी पाया गया, जबकि तीन—खुर्शीद, शकील और अफजल को बरी किया गया। कोर्ट ने इस हत्या को ‘ब्रूटल मर्डर’ करार दिया।
रामगोपाल की पत्नी रोली ने कहा “हम अदालत के फैसले से संतुष्ट हैं। योगी जी ने हमारी सभी मांग पूरी की।” वहीं, मुख्य आरोपी सरफराज के भाई ने मीडिया से कहा कि उन्होंने कुछ नहीं किया और उनका पक्ष नहीं दिखाया गया।
फैसले के दौरान कोर्ट परिसर और अभियुक्तों के घरों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। दोषियों को जेल से लाते समय कड़ी सुरक्षा में रखा गया।