टाइगर हिल्स जमीन प्रकरण में 1 करोड़ बकाया, कुर्की के निर्देश

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नगर परिषद बोर्ड बैठक में गरमाया वसूली और स्लॉटर हाउस भूमि उपयोग का मुद्दा
डूंगरपुर, 27 जनवरी:
डूंगरपुर नगर परिषद बोर्ड की अंतिम बैठक सभापति अमृतलाल कलासुआ की अध्यक्षता में नगर परिषद सभागार में आयोजित हुई, जिसमें टाइगर हिल्स जमीन प्रकरण में 1 करोड़ रुपए की बकाया राशि की वसूली को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया। लंबे समय से बकाया जमा नहीं होने पर सभापति ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे बैठक में प्रशासनिक सख्ती साफ नजर आई।
बैठक के एजेंडे में राजस्थान लेखा नियम 1963 के नियम 15 के तहत ऑडिट रिपोर्ट का अनुमोदन भी शामिल था। इस दौरान टाइगर हिल्स की जमीन से जुड़े मामले में बकायेदार शांतिलाल द्वारा एक करोड़ रुपए जमा नहीं करवाने पर नाराजगी जताई गई। सभापति ने कहा कि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है और इससे परिषद को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है।
आयुक्त प्रकाश डूडी ने बताया कि बकायेदार को पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इस पर सभापति ने निर्देश दिए कि अंतिम नोटिस के बाद भी राशि जमा नहीं होने पर बकायेदार की संपत्ति कुर्क की जाए। साथ ही सार्वजनिक नोटिस जारी कर घर के बाहर ढोल-नगाड़ों के साथ उद्घोषणा करवाई जाए, ताकि बकाया वसूली में कोई ढिलाई न रहे।
बैठक में नगर परिषद के स्थायी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए जीपीएफ (जनरल प्रोविडेंट फंड) लागू करने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
वहीं ध्वस्त किए गए स्लॉटर हाउस की भूमि के उपयोग को लेकर भी तीखी बहस हुई। एपीजे अब्दुल कलाम पुस्तकालय और सामुदायिक भवन निर्माण के प्रस्ताव का पार्षद डायालाल पाटीदार, पंकज जैन और भूपेश शर्मा ने विरोध किया। उनका कहना था कि शहर में आवारा गौवंश के कारण बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए वहां गोशाला का निर्माण अधिक जरूरी है। दूसरी ओर, कुछ बीएपी पार्षदों ने उसी भूमि पर सामुदायिक भवन बनाने की मांग रखी, जिससे विवाद की स्थिति बन गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभापति और आयुक्त ने भूमि उपयोग पर अंतिम निर्णय के लिए एक समिति गठित करने और पुनः चर्चा का आश्वासन देकर बैठक को शांत कराया।