जैसलमेर बस अग्निकांड: दो अफसर सस्पेंड

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नॉन एसी बस को एसी में मॉडिफाई किया गया था; मृतकों की संख्या 21 पहुंची
चित्तौड़गढ़ आरटीओ कार्यालय में हुई थी बस की अप्रूवल, एसीबी करेगी जांच
उदयपुर, 15 अक्टूबर:
राजस्थान के जैसलमेर में हुए भीषण बस अग्निकांड के बाद सरकार ने सख्त एक्शन लिया है। हादसे की बस की बॉडी चित्तौड़गढ़ परिवहन विभाग से अप्रूव की गई थी। जांच में सामने आया कि बस मूल रूप से नॉन एसी रजिस्टर्ड थी, जिसे मालिक ने एसी स्लीपर बस में मॉडिफाई करा लिया था। इस लापरवाही पर सरकार ने कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को निलंबित कर दिया है।
हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है, जिनमें बुधवार सुबह इलाज के दौरान झुलसे 10 वर्षीय यूनुस की भी मौत हो गई। चार मरीज अब भी वेंटिलेटर पर हैं। यह बस 1 अक्टूबर को रजिस्टर्ड हुई थी और 14 अक्टूबर को हादसे का शिकार हो गई।
पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर सदर थाने में केस दर्ज कराया है। शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस की डिक्की में पटाखे रखे थे, जिससे आग तेजी से फैली। जबकि प्रशासन की प्रारंभिक रिपोर्ट में एसी कम्प्रेशर फटने या शॉर्ट सर्किट को कारण बताया गया है।
प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि आग इतनी भीषण थी कि कुछ लोग पूरी तरह खाक हो गए। एसीबी ने अब इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।