डूंगरपुर, 2 फरवरी: डूंगरपुर की राजनीति में सोमवार का दिन मर्यादाओं के टूटने और तीखे निजी हमलों के नाम रहा। जिले के प्रभारी और टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी के सर्किट हाउस पहुँचते ही सियासी पारा चढ़ गया।
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री ने भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत और कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा पर भ्रष्टाचार, जमीन धोखाधड़ी और अवैध कब्जों की ऐसी फाइलें खोलीं कि पूरे प्रदेश की राजनीति में सनसनी फैल गई। दूसरी ओर, विधायक घोघरा ने भी मंत्री को खुली चुनौती दे डाली। विवादों के बीच मंत्री ने केंद्र सरकार के बजट को ऐतिहासिक और सर्वहितकारी बताया।
सांसद राजकुमार रोत पर वार: “5 साल में करोड़पति कैसे बने?”
प्रभारी मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने सांसद राजकुमार रोत की संपत्ति पर सीधा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा— “सांसद बताएं कि उन्होंने कौन से खेत में नोटों की खेती की, जो महज 5 साल के कार्यकाल में वे करोड़पति बन गए?” वह बताएं उन्होंने कौन सा दूध या घी बेचा? मंत्री ने केवल सांसद ही नहीं, बल्कि बीपीवीएम के कार्यकर्ताओं और बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि विधायक पटेल ने विधानसभा में प्रश्न लगाने के बदले 10 करोड़ रुपए की मांग की और बाद में 2 करोड़ में समझौता हुआ। खराड़ी ने कहा कि यह भ्रष्टाचार की ‘लूट की दुकानें’ हैं जो जनता को गुमराह कर रही हैं।
विधायक घोघरा की घेराबंदी: “एफआईआर के आरोपी और अवैध कब्जाधारी”
मंत्री ने प्रेस वार्ता में विधायक गणेश घोघरा पर निशाना साधते हुए दो एफआईआर की कॉपियां मीडिया को दिखाईं। उन्होंने बताया कि घोघरा पर 13 मार्च 2024 और 18 मई 2022 को जमीन धोखाधड़ी और जालसाजी के मुकदमे दर्ज हुए हैं। मंत्री ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि विधायक पंचायत समिति के क्वार्टर नंबर 9 में अवैध रूप से रह रहे हैं। साल 2023 से इसका न तो कोई किराया दिया गया है और न ही बिजली का बिल भरा गया है। खराड़ी ने ललकारते हुए कहा— “अगर मुझ पर लगाया गया एक भी आरोप सच साबित हुआ, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा, वरना वे (घोघरा) इसके लिए तैयार रहें।”
विधायक घोघरा का पलटवार- टीएडी मंत्री को बताया रिमोट कंट्रोल वाला नेता
मंत्री के हमलों के कुछ ही देर बाद विधायक गणेश घोघरा ने मोर्चा संभाल लिया। खराड़ी के आरोपों से आक्रोशित घोघरा तंज कसते हुए कहा कि मंत्रीजी जनजाति समाज का विकास करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक ही बाप की औलाद हूं और इसके लिए चाहे तो मेरा DNA टेस्ट करवा लिया जाए।” उन्होंने मंत्री को ‘रिमोट से चलने वाला नेता’ करार देते हुए कहा कि खराड़ी के पास खुद के कोई अधिकार नहीं हैं, वे केवल ऊपरी आदेशों पर नाच रहे हैं। सरकारी आवास पर उन्होंने सफाई दी कि वे वहां सोते नहीं हैं, बल्कि दूर-दराज से आने वाली जनता की समस्याओं को सुनने के लिए बैठते हैं।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर तकरार
घोघरा ने अपने पुराने आरोपों को दोहराते हुए कहा कि टीएडी विभाग में मां-बाड़ी केंद्रों के नाम पर भाजपा नेताओं ने डेढ़-डेढ़ लाख रुपए की वसूली की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनजाति युवाओं को दरकिनार कर बाहरी लोगों को समन्वयक बनाया जा रहा है। वहीं, मंत्री खराड़ी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जहां भी गड़बड़ी की शिकायत मिली (जैसे कोटा और खेरवाड़ा), वहां तुरंत कार्रवाई कर समन्वयकों को हटा दिया गया है।
सलूम्बर में बोले मंत्री खराड़ी, बजट में महिला, दलित—वंचितों को प्राथमिकता
टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने सोमवार को जिला कलेक्टर परिसर स्थित वीसी कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय बजट को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें महिलाओं, दलितों, वंचितों, पिछड़ों, शोषित वर्गों और युवाओं को प्राथमिकता दी गई है। जबकि सलूम्बर विधायक शांता अमृतलाल मीणा ने कहा कि यह बजट मध्यम एवं निम्न वर्ग के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में अहम भूमिका निभाएगा। दोनों जनप्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के बजट को समावेशी विकास और सामाजिक न्याय का प्रतीक बताया।