10 साल में रेल दुर्घटनाएं 90% घटीं; सांसदों ने मेवाड़ को पश्चिम और दक्षिण भारत से जोड़ने का उठाया मुद्दा
खबर में एमपी रावत तथा सीपी जोशी का फोटो लगाएं
उदयपुर, 11 मार्च: भारतीय रेलवे में पिछले एक दशक में सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। रेल दुर्घटनाओं में करीब 90 प्रतिशत तक कमी आई है। वहीं मेवाड़ क्षेत्र को बेहतर रेल कनेक्टिविटी देने की मांग भी तेज हो गई है। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत और चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से उदयपुर से सूरत, मुंबई और दक्षिण भारत के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा है।
संसद में उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के सवाल के जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वर्ष 2014-15 में देशभर में 135 बड़ी रेल दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि वर्ष 2025-26 में 28 फरवरी तक यह संख्या घटकर मात्र 14 रह गई है।
रेल सुरक्षा के लिए बजट में भी बड़ा इजाफा किया गया है। वर्ष 2013-14 में जहां सुरक्षा पर 39,200 करोड़ रुपए खर्च होते थे, वहीं 2026-27 में यह बढ़कर 1.20 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
रेलवे ने सिग्नल सिस्टम को आधुनिक बनाने के साथ ‘कवच 4.0’ जैसी स्वदेशी टक्कर-रोधी तकनीक लागू की है। इसके तहत दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे व्यस्त रूटों के 1452 किलोमीटर हिस्से पर यह सिस्टम लागू किया जा चुका है और 55 हजार से अधिक रेलकर्मियों को इसका प्रशिक्षण दिया गया है।
उदयपुर से सूरत-मुंबई के लिए ट्रेन की मांग
इधर उदयपुर से सूरत, मुंबई और दक्षिण भारत के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग जोर पकड़ रही है। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने रेल मंत्री से मुलाकात कर असारवा वंदे भारत ट्रेन का विस्तार दक्षिण भारत तक करने का प्रस्ताव दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार उदयपुर-अहमदाबाद (असारवा) रेल खंड के जरिए सूरत और मुंबई तक की दूरी करीब 100 किलोमीटर तक कम हो सकती है, जिससे यात्रा में 3 से 4 घंटे की बचत होगी। नई ट्रेन सेवा शुरू होने से मेवाड़-वागड़ के व्यापारियों, प्रवासियों और पर्यटन उद्योग को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।