मंत्री शेखावत बोले—तेजस से ब्रह्मोस तक खरीदने को दुनिया कतार में

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भारत आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति बनकर उभरा
जोधपुर, 30 दिसंबर:
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जहां विश्व में उपयोग होने वाली गोलियों की 80 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग भारत में होती थी, वहीं आजादी के बाद करीब 55 वर्षों तक देश की रक्षा उत्पादन व्यवस्थाएं कमजोर होती चली गईं और भारत 100 प्रतिशत आयातक बन गया। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और तेजस से लेकर ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक तकनीक खरीदने के लिए पूरी दुनिया भारत के पीछे खड़ी है।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जोधपुर प्रांत के पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव-2026 में शेखावत ने कहा कि पहले हालात यह थे कि भारत मिसाइल और रॉकेट तो बना सकता था, लेकिन इंसास राइफल की गोली तक आयात करनी पड़ती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में सुधारों के चलते अब केवल सीमित वस्तुओं की नेगेटिव लिस्ट बची है, शेष सभी उपकरण देश में ही बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत, जो कभी रक्षा उपकरणों का सबसे बड़ा आयातक था, आज शीर्ष-10 निर्यातक देशों में शामिल हो चुका है। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के कायाकल्प और स्वदेशी उत्पादन ने देश को आत्मनिर्भर बनाया है।
शेखावत ने भविष्य के युद्धों को लेकर कहा कि आने वाले समय में युद्ध सीमाओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि एआई, ड्रोन और तकनीक आधारित होंगे। साथ ही उन्होंने भारत की तेज आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक भारत 32 ट्रिलियन डॉलर की महाशक्ति बनेगा। कार्यक्रम में वीर माताओं का सम्मान भी किया गया।