तमिलनाडु विधानसभा में हिंदी पर बैन वाला बिल नहीं आया

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फिल्म, गाने और होर्डिंग्स पर रोक की अटकलें; सरकार ने ली कानूनी सलाह, सत्र 17 अक्टूबर तक चलेगा
चेन्नई, 15 अक्टूबर :
तमिलनाडु सरकार द्वारा हिंदी भाषा के इस्तेमाल पर बैन लगाने वाले बिल को बुधवार को विधानसभा में पेश किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार हिंदी फिल्मों, गानों, होर्डिंग्स और बोर्ड्स पर रोक लगाने पर विचार कर रही थी। इसके लिए मंगलवार रात कानूनी विशेषज्ञों के साथ इमरजेंसी मीटिंग भी बुलाई गई थी।
तमिलनाडु विधानसभा का विशेष सत्र 14 से 17 अक्टूबर तक चल रहा है, जिसमें अनुपूरक बजट अनुमानों पर भी चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन लंबे समय से केंद्र की तीन भाषा नीति (Three Language Policy) का विरोध करते रहे हैं। उनका कहना है कि राज्य की दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) से शिक्षा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है।
मार्च 2025 में स्टालिन सरकार ने राज्य बजट के प्रतीक से रुपए का चिह्न “₹” हटाकर तमिल अक्षर ‘ரூ’ जोड़ा था।
फरवरी में स्टालिन ने कहा था कि हिंदी थोपने से 25 उत्तर भारतीय भाषाएं लगभग विलुप्त हो गई हैं। उन्होंने इसे “हिंदी मुखौटा, संस्कृत छिपा चेहरा” बताते हुए देशभर से मातृभाषा के सम्मान की अपील की थी।