पाकिस्तान-सऊदी अरब डिफेंस डील: परमाणु हथियार साझा करने की तैयारी

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इस्लामाबाद, 20 सितम्बर: पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक ऐतिहासिक रक्षा समझौता हुआ है, जिसके तहत दोनों देश एक-दूसरे की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होंगे। इस डील की पुष्टि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने की और कहा कि पाकिस्तान अपनी परमाणु क्षमताएं सऊदी अरब के साथ साझा कर सकता है।
आसिफ ने बताया कि यह समझौता रक्षात्मक है, आक्रामक नहीं। अगर किसी एक देश पर हमला होता है, तो इसे दोनों पर हमला माना जाएगा। उन्होंने साफ किया कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध होता है, तो सऊदी अरब पाकिस्तान का साथ देगा। हालांकि, उन्होंने किसी देश का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया।
पाकिस्तान के पास करीब 170 परमाणु हथियार हैं, और माना जाता है कि सऊदी अरब ने पाकिस्तान के न्यूक्लियर प्रोग्राम में आर्थिक मदद दी है। अब इस समझौते से दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ेगा और संयुक्त रक्षा तैयारियों को मजबूती मिलेगी।
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुए इस समझौते के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख आसिम मुनीर और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। एक जॉइंट स्टेटमेंट में कहा गया कि यह डील दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी का संकेत है।
पाक विदेश मंत्री इशाक डार ने संकेत दिया है कि भविष्य में पाकिस्तान अन्य देशों के साथ भी ऐसे रक्षा समझौते कर सकता है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस डील के प्रभावों का विश्लेषण किया जाएगा। यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए नई चुनौतियां पेश कर सकता है।