660 ग्राम के शिशु और 27 सप्ताह में जन्मे नन्हे को पीएमसीएच ने दी जिंदगी की नई उम्मीद

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उदयपुर, 23 जनवरी : पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) के बाल रोग विभाग में दो अत्यंत प्रीमेच्योर (समय-पूर्व) नवजातों को सफल इलाज के बाद घर भेजा गया, जिसने मेडिकल और मानवीय दृष्टिकोण से नया उदाहरण पेश किया।
पहला मामला 40 वर्षीय मां का था, जिन्होंने 30 सप्ताह (लगभग 7 महीने) में जन्मे 660 ग्राम के बच्चे को जन्म दिया। जन्म के समय शिशु के अंग पूरी तरह विकसित नहीं थे और संक्रमण का खतरा अधिक था। डॉ. पुनीत जैन और टीम की देखरेख में बच्चे ने 104 दिनों तक एनआईसीयू में इलाज और निगरानी के बाद स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया और वजन बढ़कर 1.790 किलोग्राम हो गया।
दूसरे मामले में 27 सप्ताह की गर्भावस्था में जन्मे शिशु का वजन 1.18 किलोग्राम था। 51 दिनों तक विशेष उपचार और देखभाल के बाद यह बच्चा भी स्वस्थ हुआ और वजन 1.840 किलोग्राम पहुंच गया।
डॉ. पुनीत जैन ने इस सफलता का श्रेय अपनी पूरी टीम को दिया, जिसमें सीनियर व जूनियर रेजिडेंट, नर्सिंग स्टाफ, प्रसूति रोग और एनेस्थीसिया विभाग शामिल हैं। टीम की 24 घंटे निगरानी और समर्पित देखभाल के बिना यह संभव नहीं था।
पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल ने बताया कि इन बच्चों का डिस्चार्ज केवल मेडिकल सफलता नहीं, बल्कि समय-पूर्व प्रसव जैसी जटिलताओं से जूझ रहे माता-पिता के लिए उम्मीद की किरण है।