देवास की दो सुरंगों की खुदाई की तैयारी

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वन विभाग की स्वीकृति के बाद सुरंग व बांध निर्माण की तैयारी, 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य
उदयपुर, 10 मार्च (संदीप कुमावत):
उदयपुर की झीलों को सालभर पानी उपलब्ध कराने वाली देवास तृतीय और चतुर्थ परियोजना अब गति पकड़ने जा रही है। वन विभाग की स्वीकृति में देरी के कारण दो साल तक रुकी रही इस परियोजना के कार्य अब जल्द शुरू होंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 1 मार्च 2024 को इसका शिलान्यास किया था, लेकिन वन अनुमति नहीं मिलने से बांध और सुरंग निर्माण शुरू नहीं हो सका था। अब सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने काम शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है।
दो सुरंगों और दो बांधों का निर्माण
देवास तृतीय परियोजना के तहत गोगुंदा तहसील के नाथियाथाल गांव के पास 703 एमसीएफटी क्षमता का बांध बनाया जाएगा। यहां से करीब 11 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाकर पानी देवास द्वितीय (आकोदड़ा बांध) तक पहुंचाया जाएगा, जहां से यह पिछोला झील में डाला जाएगा। वहीं देवास चतुर्थ परियोजना में गोगुंदा के अम्बावा गांव के पास 390 एमसीएफटी क्षमता का बांध बनेगा, जिसे 4.3 किलोमीटर लंबी सुरंग से देवास तृतीय बांध से जोड़ा जाएगा।
1690 करोड़ की परियोजना, 1000 एमसीएफटी अतिरिक्त पानी
करीब 1690.55 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को 44 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत 156.18 हेक्टेयर वन भूमि और 133.45 हेक्टेयर निजी भूमि अधिग्रहित की गई है। परियोजना पूरी होने पर उदयपुर की झीलों को हर वर्ष करीब 1000 एमसीएफटी अतिरिक्त पानी मिलेगा। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के अनुसार बढ़ती आबादी को देखते हुए भविष्य की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी।