भीमपुर लैम्प्स में रिकॉर्ड गायब और हेराफेरी!

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किसानों ने निष्पक्ष जांच की मांग की, बोले—पांच सौ से अधिक सदस्यों के खातों में की गई हेराफेरी
बांसवाड़ा, 15 अक्टूबर (विजन 360 न्यूज डेस्क):
बांसवाड़ा के भीमपुर लैम्प्स में पूर्व व्यवस्थापक मनोज शर्मा पर करीब 500 से अधिक सदस्यों के खातों से हेराफेरी कर लाखों रुपए निकालने और रिकॉर्ड गायब करने का आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लैम्प्स का संचालक मंडल किसानों की आम सभा बुलाकर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है और विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया है।
आरोप है कि पूर्व व्यवस्थापक मनोज शर्मा ने किसानों के ऋण खातों से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड गायब कर दिए। फरवरी 2023 में भूपेंद्र जोशी व्यवस्थापक बने, जिन्होंने पदभार संभालने के बाद रिकॉर्ड की जानकारी मांगी, लेकिन मनोज शर्मा ने कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई। 15 मार्च को हुई आम सभा में सदस्यों ने कई शिकायतें दर्ज कराई और रिकॉर्ड के लिए मनोज शर्मा को तीन बार नोटिस भी दिया गया। आरोप है कि शर्मा ने लोगों के फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर खातों से पैसे निकाले और करीब 500 सदस्यों के खातों में हेराफेरी की।
इस मामले में नए चेयरमैन भूपेंद्र जोशी ने एमडी और रजिस्ट्रार को शिकायत की। संचालक मंडल ने 12 में से 8 सदस्यों के समर्थन से मनोज शर्मा को हटाने का प्रस्ताव पारित किया और 27 दिसंबर 2023 को एमडी ने निलंबन आदेश जारी किया। इसके बाद मनोज शर्मा ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया, जिसे फरवरी 2024 में मंजूरी मिली।
पूर्व व्यवस्थापक मनोज शर्मा ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि चेयरमैन ने निजी स्वार्थ के कारण उन्हें निलंबित किया। उन्होंने बताया कि बैंक को आवश्यक हिसाब दे दिया गया और विभाग की जांच में कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई।
किसान ऋणधारक जैसे कोदरलाल पाटीदार, मनोहर सिंह, भूरालाल, डायालाल पाटीदार, कुरी देवी और अन्य ने बताया कि पिछले 3-4 वर्षों से लोन का सही हिसाब नहीं मिला, जिससे उन्हें ब्याज का नुकसान हुआ। मुख्य प्रबंध निदेशक परेश पंड्या ने कहा कि मामले में पहले जांच हो चुकी है, लेकिन जांच का परिणाम साझा नहीं किया गया। संचालक मंडल अब मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच पर अड़ा हुआ है, ताकि किसानों के हक सुरक्षित हों और भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी रोकी जा सके।