प्रदेश के 50 बिस्तर वाले सरकारी अस्पतालों में नियुक्त होंगे रेजिडेंट डॉक्टर

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DRP के तहत अस्पतालों से मांगा जा रहा विवरण
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 11 जनवरी:
प्रदेश में जिला रेजिडेंसी प्रोग्राम (District Residency Program–DRP) के तहत अब 50 बिस्तर या उससे अधिक वाले सरकारी अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टर नियुक्त किए जाएंगे। इस प्रक्रिया को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन ने सभी पात्र चिकित्सालयों से आवश्यक विवरण मांगा है। चिकित्सा विभाग ने जिलों को निर्देश दिए हैं कि वे आदेश जारी होने की तिथि से पांच दिन के भीतर सभी जानकारी Google Form में भरकर उपलब्ध कराएं।
रेजिडेंट पोस्टिंग की प्रक्रिया अनिवार्य
DRP के तहत प्रत्येक पात्र अस्पताल में रेजिडेंट चिकित्सकों की नियुक्ति प्रस्तावित है। इसके लिए अस्पताल की संरचना, विभागीय विवरण, उपलब्ध सुविधाएं और अन्य आवश्यक जानकारी समय पर प्रदान करना अनिवार्य है। यह डेटा जिला चिकित्सालयों को निकटतम राजकीय मेडिकल कॉलेज से मैप करने और पोस्टिंग प्रक्रिया को समय पर लागू करने में मदद करेगा। जिला प्रशासन ने अस्पताल प्रधानों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इसे अत्यंत महत्वपूर्ण मानें। समय पर जानकारी न मिलने पर रेजिडेंट पोस्टिंग प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
DRP का उद्देश्य और महत्व
जिला रेजिडेंसी प्रोग्राम का उद्देश्य प्रशिक्षित चिकित्सकों की दक्षता बढ़ाना और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। समय पर विवरण उपलब्ध कराने से पोस्टिंग प्रक्रिया सुचारू बनेगी और चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज के बीच समन्वय मजबूत होगा।
सख्त समय सीमा और चेतावनी
जिले के सभी 50 बिस्तर या उससे अधिक वाले अस्पतालों से आदेश जारी होने के पांच दिनों के भीतर विवरण भरने की सख्त अनुशंसा की गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की देरी या अनियमितता DRP प्रक्रिया में बाधा डाल सकती है।
उदयपुर के ये अस्पताल आएंगे दायरे में
जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य का कहना है कि जिन अस्पतालों में रेजिडेंट चिकित्सक लगाए जा सकेंगे, उनमें सभी उप जिला अस्पताल शामिल होंगे। इनमें भीण्डर, कोटड़ा, वल्लभनगर, गोगुंदा स्थित उप जिला अस्पताल के अलावा बड़गांव स्थित राजकीय सेटेलाइट अस्पताल शामिल होगा। ये सभी अस्पताल पचास बैड से अधिक वाले हैं।