बांसवाड़ा में बस हादसे में 3 की मौत, उदयपुर के कालीवली गांव में तीन युवकों की मौत के बाद पत्नी ने किया सुसाइड
उदयपुर, 6 फरवरी: प्रदेश में सड़क हादसों का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को बांसवाड़ा में बारातियों से भरी बस पलटने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक घायल हो गए। वहीं उदयपुर जिले के कुराबड़ थाना क्षेत्र में दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में तीन युवकों की मौत हो गई। इस हादसे से सदमे में एक मृतक की पत्नी ने आत्महत्या कर ली। दोनों घटनाओं ने परिवारों की खुशियां मातम में बदल दीं।
बांसवाड़ा के कलिंजरा थाना क्षेत्र में सज्जनगढ़ के खेड़ा वडलीपाड़ा गांव से बारात सनलई गांव गई थी। लौटते समय शाम करीब 6.30 बजे घोटिया आम्बा के पास ढलान पर ड्राइवर बस पर नियंत्रण नहीं रख पाया और बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे में तीन बारातियों की मौके पर ही मौत हो गई। 25 से ज्यादा घायल हुए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर जिला कलेक्टर डॉ. इन्द्रजीत यादव और एसपी सुधीर जोशी भी अस्पताल पहुंचे और चिकित्सा व्यवस्था को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
इधर, उदयपुर जिले के कालीवली गांव में गुरुवार रात करीब 8 बजे दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। एक बाइक पर चेतन मीणा (22) सवार था, जबकि दूसरी बाइक पर हुक्मीचंद (22) और हेमराज (17) मौजूद थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से उन्हें कुराबड़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
तीनों युवक गांव के ही निवासी थे। हादसे की खबर फैलते ही गांव में शोक छा गया। मृतक चेतन की पत्नी प्रेमीबाई अपने पति की मौत का सदमा नहीं सह पाई और शुक्रवार दोपहर घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों की शादी मात्र एक साल पहले हुई थी। एक ही दिन में चार मौतों से गांव में मातम पसरा हुआ है।
ग्राम पंचायत रामज के उपसरपंच वगतराम मीणा ने बताया कि मुख्य मार्ग पर स्पीड ब्रेकर नहीं होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। बीते दो-ढाई वर्षों में यहां 6-7 बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।