प्रभु संग होली खेलने देशभर से आए भक्त, गलियां गुलाल से लाल हुई
चित्तौड़गढ़, 4 मार्च: श्रद्धा के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर में ठाकुर जी के साथ भक्तजनों ने गुलाल की होली खेली और चारों ओर भक्ति व उल्लास का वातावरण बना रहा। पूरे सांवलिया नगर में मथुरा-वृंदावन जैसा महोत्सव नजर आया, मानो बृज में होली खेली जा रही हो।
राजभोग आरती के बाद सांवलिया सेठ के शालिग्राम स्वरूप को चांदी के रथ पर विराजित कर नगर भ्रमण कराया गया। कस्बे में जहां-जहां रथ पहुंचा, वहां भक्तों ने ठाकुर जी के साथ होली खेली। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर होली खेलने का आनंद लिया। भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।
यहां सिर्फ राजस्थान के अलग अलग जिलों से ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात के लिए कई भक्त मौजूद रहे। उन्होंने भी ठाकुर जी पर गुलाल उड़ा कर जमकर होली खेली। ठाकुर जी का रथ मंडफिया कस्बे के अलग-अलग गलियों से गुजरते हुए शाम को वापस मंदिर परिसर पहुंचे। जहां उनके बाल स्वरूप को चांदी के रथ से वापस गर्भ गृह में विराजित कर और उनकी विशेष आरती की गई। यह नगर भ्रमण करीब 4:30 घंटे का रहा।