रिश्वत लेने के मामले में कांस्टेबल दोषी करार

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एसीबी कोर्ट ने सुनाई 20 हजार जुर्माने व एक वर्ष की सजा
उदयपुर, 24 अक्टूबर:
रिश्वत लेने के आरोप में एसीबी कोर्ट ने दोषी कांस्टेबल को एक साल के कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
विशिष्ट लोक अभियोजक राजेश पारिक ने बताया कि यह मामला वर्ष 2011 का है, जब परिवादी अयूब पुत्र अब्दुल शकूर निवासी बसाड़ प्रतापगढ़ ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में रिपोर्ट दी थी कि तत्कालीन कांस्टेबल कमलेश मीणा (नं. 505, थाना कोतवाली प्रतापगढ़) ने उसके परिवारजनों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में कार्रवाई न करने के एवज में 10 हजार की रिश्वत मांगी थी। बाद में आरोपी ने 4 हजार लेकर समझौते का दबाव बनाया। रिपोर्ट पर एसीबी ने डीएसपी प्रवीण शर्मा की निगरानी में ट्रैप कार्रवाई की, जिसमें कमलेश मीणा को परिवादी से 4 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 15 गवाहों और 35 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए, जिनमें टेप रिकॉर्डिंग, नोटों पर फिनॉलफ्थलीन पाउडर की जांच रिपोर्ट, मौके का नक्शा और बरामद नोटों की तस्वीरें शामिल थीं।
न्यायाधीश मनीष अग्रवाल ने कहा कि लोक सेवकों में बढ़ते भ्रष्ट आचरण पर रोक लगाना आवश्यक है, इसलिए नरमी बरतना उचित नहीं। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि अभियुक्त द्वारा पुलिस व न्यायिक अभिरक्षा में बिताया गया समय उसकी मूल सजा में समायोजित किया जाएगा।