सांवलिया सेठ के दर पर राज्यपाल और मंत्री ने टेका माथा

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प्रदेश की खुशहाली की कामना, विधि-विधान से की पूजा-अर्चना
चित्तौड़गढ़, 28 दिसंबर:
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे और पशुपालन, डेयरी, गोपालन एवं देवस्थान विभाग के मंत्री जोराराम कुमावत रविवार को चित्तौड़गढ़ जिले के दौरे पर रहे। दोनों नेताओं ने अपने प्रवास की शुरुआत आस्था के प्रमुख केंद्र कृष्णधाम सांवलिया सेठ मंदिर में दर्शन-पूजन से की। मंदिर पहुंचते ही उन्होंने भगवान सांवलिया सेठ के चरणों में शीश नवाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
विधि-विधान से हुए दर्शन, लिया प्रसाद
मंदिर में दोनों अतिथियों ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। दर्शन के पश्चात मंदिर के पुजारी द्वारा उन्हें चरणामृत और तुलसी का प्रसाद प्रदान किया गया। धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए उपरणा ओढ़ाकर उनका सम्मान किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में अनुशासन और शांति का वातावरण बना रहा, वहीं श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला।
पुख्ता रही सुरक्षा व्यवस्था
राज्यपाल और मंत्री के आगमन को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर व आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे और आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुमेरपुर से पहुंचे मंत्री जोराराम कुमावत
मंत्री जोराराम कुमावत सुमेरपुर से सीधे सांवलिया सेठ मंदिर पहुंचे। उनके साथ समर्थक और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। दर्शन के बाद मंत्री ने कुछ समय मंदिर परिसर में रुककर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की। वहीं राज्यपाल हरिभाऊ बागडे भी अलग से मंदिर पहुंचे और उन्होंने भी श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की।
सामाजिक कार्यक्रम में हुए शामिल
मंदिर दर्शन के उपरांत राज्यपाल बागडे और मंत्री कुमावत दोनों ही मेवाड़ कुमावत समाज के एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हुए। वहां समाज के लोगों ने उनका पारंपरिक रूप से स्वागत किया। इस धार्मिक एवं सामाजिक प्रवास से क्षेत्र में सकारात्मक संदेश गया और श्रद्धालुओं व समाजजनों में उत्साह का माहौल बना रहा।