वेंटीलेशन पाइप नहीं लगाए, स्मार्ट सिटी के 17 वार्डों में हादसे की आशंका
उदयपुर, 5 दिसम्बर: शहर के वॉल सिटी क्षेत्र में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बिछाई गई नई सीवरेज लाइनें गंभीर खतरे का कारण बन सकती हैं। तकनीकी मानकों को नजरअंदाज करते हुए लाइनों में वेंटीलेशन पाइप नहीं लगाए गए, जिससे सीवरेज में बनने वाली जहरीली गैसें बाहर नहीं निकल पातीं। विशेषज्ञों का कहना है कि गैस दबाव के कारण पाइपलाइन कभी भी फट सकती है, जिससे भीषण हादसा हो सकता है।
लगभग 1200 करोड़ रुपए से अधिक की स्मार्ट सिटी परियोजना में वॉल सिटी के 17 घनी आबादी वाले वार्डों को शामिल किया गया था। इन बेहद संकरी गलियों—जिनकी चौड़ाई 10 से 12 फीट है—में एलएनटी कंपनी द्वारा सीवरेज लाइन बिछाई गई, जिसकी निगरानी स्मार्ट सिटी और नगर निगम अधिकारियों द्वारा की गई। सीवरेज लाइन को हर घर के रसोईघर और शौचालय से जोड़ा गया, परंतु वेंटीलेशन सिस्टम का प्रावधान पूरी तरह गायब रहा। विशेषज्ञों के अनुसार यह लापरवाही भविष्य में जान-माल का बड़ा नुकसान करा सकती है।
बदबूदार जल और गैस रिसाव से बढ़ी चिंता
झील विकास प्राधिकरण के सदस्य तेजशंकर पालीवाल ने बताया कि कई इलाकों में सीवरेज ज्वाइंट्स से लीकेज होने पर ट्यूबवेल में बदबूदार पानी आने लगा है और कुछ गलियों में खुले में दुर्गंध महसूस की जा रही है। यह संकेत है कि लाइनों में गैस दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने नगर निगम से वेंटीलेशन पाइप तत्काल लगाने की मांग की।
पुरानी लाइनें सुरक्षित, नई में ही खामी
करीब दो दशक पहले पिछोला, रंग सागर और स्वरूप सागर क्षेत्र में बिछाई गई सीवरेज लाइनों में वेंटीलेशन पाइप लगाए गए थे, जो आज भी दिखते हैं। इससे साफ है कि तकनीकी मानक पहले समझे जाते थे, लेकिन नई स्मार्ट सिटी परियोजना में इनका पालन नहीं किया गया। इंजीनियरिंग की यह गंभीर चूक वॉल सिटी क्षेत्र के हजारों निवासियों के लिए खतरा बनती जा रही है, जिसके समाधान के लिए प्रशासन की त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।
वॉल सिटी की नई सीवरेज लाइन खतरे से भरी
A 25 kg garland was put on the pilot using a crane