हर जिले में पशु एम्बुलेंस और आधुनिक पशु अस्पताल की मांग

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सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने संसद में उठाया मुद्दा
बीमार और दुर्घटनाग्रस्त पशुओं के इलाज को लेकर सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
उदयपुर, 5 दिसम्बर:
सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने पशुधन सुरक्षा और पशुपालकों की समस्याओं को गंभीरता से उठाते हुए संसद में हर जिले में आपातकालीन नंबर 1962 की पशु एम्बुलेंस सेवा को अनिवार्य बनाने तथा एक जिला–एक पशु चिकित्सालय नीति के तहत आधुनिक जिला पशु अस्पताल स्थापित करने की मांग की।
नियम 377 के तहत अपनी बात रखते हुए डॉ. रावत ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में पशुधन एक मजबूत आधार है। देश में 54 करोड़ से अधिक पशुधन होने के बावजूद कई जिलों में बीमार और दुर्घटनाग्रस्त पशुओं के उपचार के लिए पर्याप्त सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं। समय पर इलाज न मिलने से पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और मूल्यवान पशुधन की हानि भी होती है।
उन्होंने जोर दिया कि आपातकालीन स्थितियों में पशुओं को समय पर चिकित्सा मिल सके, इसके लिए 1962 पशु एम्बुलेंस सेवा को देशभर के हर जिले में लागू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में एक अत्याधुनिक पशु अस्पताल स्थापित किया जाए, जिसमें एक्स-रे, सर्जरी थिएटर, लैब टेस्टिंग, आईसीयू, आधुनिक उपकरण और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
डॉ. रावत ने कहा कि अगर ये सुविधाएं लागू होती हैं तो पशुधन संरक्षण मजबूत होगा, लाखों पशुपालकों की आय बढ़ेगी और देश की पशुधन संपदा अधिक सुरक्षित व स्वस्थ बनेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में शीघ्र और ठोस कदम उठाने की अपील की।