बेरोजगारों को साइबर ठगी के लिए मजबूर करने शातिरों का षड्यंत्र
उदयपुर, 5 मार्च (गोपाल लोहार): मोटी सैलरी और विदेश में आकर्षक नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगार युवकों को पहले बैंकॉक बुलाना और फिर नदी के रास्ते म्यांमार ले जाकर बंधक बनाकर साइबर ठगी करवाना—अंतरराष्ट्रीय गिरोह का यही खतरनाक मॉडस ऑपरेंडी सामने आया है। उदयपुर साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने बताया कि मलाड—मुम्बई निवासी आरोपी सोशल मीडिया व जॉब पोर्टल से युवाओं का डेटा जुटाकर संपर्क करता था। उन्हें थाईलैंड में ऑन-अराइवल वीजा पर बुलाकर बाद में वर्क वीजा दिलाने का भरोसा दिया जाता था। अगस्त 2025 में एक पीड़ित को टिकट भेजकर बैंकॉक बुलाया गया। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही उसका मोबाइल छीन लिया गया और लगातार वाहन बदलते हुए सुनसान इलाकों से नदी पार कर म्यांमार सीमा में दाखिल करा दिया गया।
15 दिन तक बंधक, जान से मारने की धमकी
म्यांमार पहुंचने पर पीड़ित को करीब 15 दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। हथियारबंद लोगों की निगरानी में उसे डेटिंग ऐप और निवेश योजनाओं के नाम पर विदेशी नागरिकों से ऑनलाइन ठगी करने के लिए मजबूर किया गया। टारगेट पूरा न करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। बाद में म्यांमार आर्मी की रेड में पीड़ित समेत कई युवकों को रेस्क्यू किया गया और भारत भेजा गया। भारत लौटने पर पीड़ित की शिकायत पर तकनीकी जांच शुरू हुई। आरोपी की पहचान कर लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया और 29 जनवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और युवाओं को विदेश नौकरी के झांसे से सावधान रहने की अपील की है।