उदयपुर, 22 दिसंबर: उदयपुर जिले के ऋषभदेव थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में मोर का शिकार कर उसका मांस पकाते हुए तीन व्यक्तियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपियों में एक स्थानीय कांग्रेस ब्लॉक स्तर का पदाधिकारी भी बताया जा रहा है, जबकि दूसरा आरोपी हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार रविवार शाम बिलख गांव में एक खेत पर अवैध रूप से शिकार कर पार्टी किए जाने की सूचना मुखबिर से मिली थी। सूचना के आधार पर ऋषभदेव थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर दबिश दी। मौके पर एक कमरे में तीन लोग मांस पकाने की तैयारी करते मिले। जांच के दौरान वहां मोर के पंख, अधजला सिर और मांस के अवशेष बरामद हुए।
थानाधिकारी हेमंत अहारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में खेत मालिक रूपलाल (45), हिस्ट्रीशीटर अर्जुन मीणा (55) और उसका साथी राकेश मीणा (38) शामिल हैं। अर्जुन मीणा के खिलाफ पूर्व में 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से कई राजस्थान के विभिन्न थानों में लंबित हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर वन विभाग की टीम को बुलाया गया। वन अधिकारियों ने बरामद पंख और अवशेषों की जांच कर पुष्टि की कि शिकार किया गया पक्षी मोर ही था, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूर्णतः संरक्षित है। आवश्यक नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मांसाहार के उद्देश्य से मोर का शिकार किया और उसी को पकाने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।