पर्यटन स्थलों पर भीख मांगने वालों से परेशान पर्यटक

Share

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, समाज कल्याण विभाग करेगा कार्रवाई

सुभाष शर्मा

उदयपुर, 22 सितम्बर: झीलों की नगरी उदयपुर अपनी सुंदरता और मेहमाननवाजी के लिए दुनियाभर में मशहूर है, लेकिन हाल के दिनों में यहां पर्यटकों को एक गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भीख मांगते दिखाई देते हैं, जिससे पर्यटकों का अनुभव प्रभावित हो रहा है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में देशी पर्यटकों ने फतेहसागर, सहेलियों की बाड़ी, अंब्राई, बड़ा गणेशजी, रेतीघाट और गोवर्धन सागर जैसे स्थलों पर भीख मांगने वालों की मौजूदगी को शर्मनाक बताते हुए सवाल उठाए। वीडियो सामने आने के बाद समाज कल्याण विभाग हरकत में आया है और शीघ्र ही चिन्हित स्थलों पर कार्रवाई की बात कही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार केवल उदयपुर शहर में ही करीब 350 से अधिक महिलाएं और बच्चे रोजाना भीख मांगते हैं, जबकि पूरे जिले में यह संख्या हजार तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यटन स्थलों पर आसानी से पैसा मिलना, गरीबी-बेरोजगारी, शिक्षा की कमी और संगठित गिरोहों की मजबूरी – ये चार प्रमुख कारण हैं जिनकी वजह से भीख मांगने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। केंद्र की स्माइल योजना और राज्य की पुनर्वास योजनाओं के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस असर नहीं दिख रहा है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो उदयपुर की विश्वस्तरीय छवि को गहरा नुकसान पहुंच सकता है।
राहड़ा फाउंडेशन कराएगा सर्वे
उदयपुर के पर्यटन स्थलों पर भिखारियों की संख्या एवं उनके पुनर्वास को लेकर राहड़ा फाउंडेशन सर्वे कराएगा। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निर्देश मिल चुके हैं। उल्लेखनीय है कि राहड़ा फाउंडेशन केंद्र सरकार की स्माइल योजना एवं राज्य सरकार की पुनर्वास योजना के तहत भिखारियों के पुनर्वास पर काम करती है। विभाग के संयुक्त निदेशक गिरीश भटनागर का कहना है कि स्माइल योजना के तहत भिखारियों के पुनर्वास के प्रयास किए जाएंगे।