उदयपुर, 21 फरवरी: पर्यटन नगरी उदयपुर में राज्य सरकार की नई पर्यटन नीति से होम स्टे सेक्टर में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है। वर्तमान में शहर में करीब 200 और पूरे जिले में लगभग 500 होम स्टे संचालित हैं, लेकिन पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती मांग को देखते हुए इनकी संख्या चार गुना तक पहुंच सकती है।
पर्यटन विभाग की उप निदेशक शिखा सक्सेना के अनुसार, नई नीति उदयपुर जैसे प्रमुख पर्यटन शहर के लिए बेहद लाभकारी है। इससे स्थानीय परिवार अपने घरों के खाली कमरों को पंजीकृत कर वैध रूप से होम स्टे चला सकेंगे और अतिरिक्त आय अर्जित कर पाएंगे। पर्यटकों को होटल से अलग स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली का अनुभव मिलेगा, जिससे शहर की पहचान और मजबूत होगी।
पर्यटन के आंकड़े भी इस संभावित विस्तार को समर्थन देते हैं। जनवरी 2026 में उदयपुर में 2,44,558 पर्यटक पहुंचे, जो पिछले 16 वर्षों में जनवरी माह का सर्वाधिक आंकड़ा है। वहीं वर्ष 2025 में कुल 21.6 लाख पर्यटक आए, जिनमें करीब 20 लाख घरेलू और 1.6 लाख विदेशी सैलानी शामिल रहे।
नई पॉलिसी के तहत पंजीकरण प्रक्रिया सरल और ऑनलाइन की गई है। ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी होम स्टे को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे पर्यटन का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।