उदयपुर–जयपुर और उदयपुर आगरा वंदे भारत यात्री संख्या कम रहने के चलते हुई थी बंद
उदयपुर, 15 फरवरी: भारतीय रेलवे ने यात्री संख्या कम रहने के कारण उदयपुर–जयपुर वंदे भारत सेवा को बंद कर दिया है। अब इसकी जगह उदयपुर से अहमदाबाद (असारवा) के लिए नई वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत सोमवार से की जा रही है, जो सप्ताह में पांच दिन चलेगी। रेलवे का उद्देश्य दक्षिण राजस्थान और गुजरात के बीच तेज, आधुनिक रेल संपर्क को मजबूत करना है। लेकिन इस नई सेवा को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है—क्या अहमदाबाद रूट पर पर्याप्त यात्री भार मिल पाएगा?
गुजरात विशेषकर अहमदाबाद से आने वाले पर्यटकों का कहना है कि उदयपुर–अहमदाबाद दूरी अपेक्षाकृत कम है। दोनों शहरों के बीच सड़क मार्ग से दूरी लगभग 260–300 किलोमीटर के आसपास है और कार से यात्रा 4–5 घंटे में पूरी हो जाती है। यही कारण है कि इस मार्ग पर यात्रा करने वाला मध्यम और उच्च आय वर्ग बड़ी संख्या में निजी वाहनों को प्राथमिकता देता है। ऐसे में इसकी संभावना कम है कि उदयपुर—अहमदाबाद वंदे भारत को उचित संख्या में यात्री मिल सकेंगे। हां, यदि इस ट्रेन को आगे मुम्बई तक बढ़ा दिया जाए तो बात अलग है।
अहमदाबाद से उदयपुर घूमने आए कारोबारी अरविन्द पटेल का कहना है कि वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन सेवा का मुख्य यात्री वर्ग वही होता है जो तेज और सुविधाजनक सफर के लिए अतिरिक्त किराया चुका सकता है। लेकिन इसी वर्ग के पास निजी कार की सुविधा भी होती है। ऐसे में आशंका है कि उदयपुर–अहमदाबाद वंदे भारत को भी वही चुनौती झेलनी पड़ सकती है, जो उदयपुर–जयपुर रूट पर सामने आई थी।
हालांकि उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभाग के मुताबिक अहमदाबाद देश का बड़ा औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र है। उदयपुर और आसपास के जिलों से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के लिए अहमदाबाद आने-जाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वंदे भारत ट्रेन लगभग 4 से 4.5 घंटे में यह दूरी तय कर सकती है, जिससे समय की बचत होगी।
लोगों का शंका, मुम्बई तक नहीं की तो….
रेलवे के सामने यह चुनौती है कि सेवा को सफल बनाने के लिए नियमित यात्री संख्या सुनिश्चित की जाए। अगर अपेक्षित यात्री भार नहीं मिला, तो यह नई वंदे भारत भी भविष्य में उदयपुर–जयपुर की तरह संचालन संकट में आ सकती है। उदयपुर के नवीन जिनगर का कहना है कि उनका कारोबार के सिलसिले में अहमदाबाद जाना लगभग हर सप्ताह रहता है। भले ही वंदे भारत ट्रेन शुरू होने जा रही है लेकिन इसकी बजाय उनके लिए निजी कार से जाना ज्यादा सुविधाजनक और सस्ता रहेगा। अहमदाबाद जाने के बाद जो खर्चे टैक्सी करने में लगते हैं, उसकी बजाय उनकी कार सस्ती पड़ेगी। लंबी दूरी के लिए वंदे भारत जैसी ट्रेन सस्ती और सुविधाजनक होगी। यही मानना बिल्डर राजेश शर्मा का है और उन्हें शंका है कि यदि वंदे भारत ट्रेन में यात्री भार कम रहा तो इसके संचालन में वैसी ही तलवार लटकी है, जैसी जयपुर और आगरा जाने वाली वंदे भारत में। उनके मुताबिक जयपुर और आगरा वंदे भारत का संचालन जारी रखना चाहिए था।