अहमदाबाद में आसाराम के आश्रम पर चलेगा बुलडोजर
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हाईकोर्ट ने याचिका खारिज, 45 हजार वर्गमीटर जमीन कब्जे का रास्ता साफ
अहमदाबाद, 5 फरवरी : अहमदाबाद के मोटेरा इलाके में स्थित आसाराम का आश्रम अब टूटेगा। गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार को मोटेरा आश्रम ट्रस्ट की याचिका खारिज कर दी, जिसमें सरकार द्वारा जमीन खाली कराने की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। कोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार के लिए आश्रम की करीब 45,000 वर्गमीटर से अधिक जमीन अपने कब्जे में लेने का रास्ता साफ हो गया है।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
सरकार इस जमीन पर 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करना चाहती है। वर्तमान में इस भूमि की बाजार कीमत 500 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।
32 अवैध निर्माण पाए गए
राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि यह जमीन सीमित धार्मिक उपयोग के लिए दी गई थी, लेकिन वर्षों में इसका विस्तार कर व्यावसायिक और अनधिकृत निर्माण कर लिए गए। परिसर में करीब 32 अवैध स्ट्रक्चर बने हुए थे। अहमदाबाद नगर निगम ने कई बार नोटिस जारी किए थे और 21 जनवरी 2026 को ट्रस्ट का आवेदन भी खारिज कर दिया गया था।
1972 में बनी थी ‘मोक्ष कुटिया’
आसाराम ने 1972 में साबरमती नदी किनारे एक कुटिया बनाई थी, जिसे ‘मोक्ष कुटिया’ कहा जाता था। धीरे-धीरे यह आश्रम में बदल गया और बाद में देशभर के आश्रमों का मुख्यालय बन गया।
आसाराम और बेटे को उम्रकैद
आसाराम को जोधपुर और गांधीनगर कोर्ट से दुष्कर्म मामलों में आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। वहीं बेटा नारायण साईं भी सूरत जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है।कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम जल्द ही आश्रम में बने अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर सकता है।
