रिश्वत मामले में सजा, सहायक सामुदायिक अधिकारी को एक वर्ष की कैद
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12 साल पहले ली थी एक हजार रुपए की रिश्वत, मुआवजा दिलाने के बदले मांगी थी रिश्वत
उदयपुर, 17 फरवरी: मुआवजा राशि दिलाने के एवज में रिश्वत लेने के 12 साल पुराने मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। विशिष्ट न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) संख्या-02 संदीप कौर ने आरयूआईडीपी चित्तौड़गढ़ की तत्कालीन सहायक सामुदायिक अधिकारी (सीएपीपी) नीतू जोशी को एक वर्ष के साधारण कारावास और कुल 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
प्रकरण के अनुसार परिवादी बाबूलाल शर्मा निवासी भोईखेड़ा, चित्तौड़गढ़ ने 20 फरवरी 2013 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि शास्त्री नगर चौराहे के पास पाइपलाइन डालने के लिए उसका चाय का केबिन हटाया गया था, जिसके बदले विभाग द्वारा 8280 रुपए मुआवजा राशि देनी थी। इसे दिलाने के एवज में अधिकारी द्वारा 2000 रुपए रिश्वत मांगी गई।
शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए नीतू जोशी को एक हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया था। इसके बाद 24 जून 2014 को एसीबी ने अदालत में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व 13(1)(डी)/13(2) के तहत आरोप पत्र पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को धारा 7 और धारा 13 के तहत एक-एक वर्ष का साधारण कारावास तथा 10-10 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि रिश्वतखोरी पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है।
