बीजेपी विधायक बोले, कांग्रेस और BAP एक सिक्के के दो पहलू
Share
दिशा बैठक में फिर सियासी टकराव
बांसवाड़ा, 5 दिसम्बर: जिला मुख्यालय स्थित टीएडी भवन में सोमवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक सियासी बयानबाजी के कारण सुर्खियों में रही। सांसद राजकुमार रोत की अध्यक्षता में हुई बैठक में कांग्रेस के तीनों विधायक अर्जुन बामणिया, रमिला खड़िया और नानालाल निनामा मौजूद नहीं रहे। हालांकि तीनों विधायक मीटिंग हॉल के गेट तक पहुंचे, लेकिन बैठक में शामिल नहीं हुए।
कांग्रेस विधायकों की गैरमौजूदगी पर गढ़ी विधायक कैलाश मीणा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और BAP एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। कांग्रेस का जनाधार कमजोर हो चुका है, इसलिए वे बैठक में आकर क्या करते। उनके पास न तो जनता की समस्याओं के समाधान का एजेंडा है और न ही विकास को लेकर कोई ठोस प्रस्ताव। टीएसपी क्षेत्र की चिंता करने के बजाय वे सिर्फ अपनी राजनीति बचाने में लगे हैं।
कांग्रेस विधायकों का जवाब
कांग्रेस विधायक अर्जुन बामणिया ने बैठक में शामिल न होने का कारण स्पष्ट करते हुए कहा कि पंचायत समितियों और जिला परिषद वार्डों के पुनर्गठन में कई खामियां सामने आई हैं। आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि होने के कारण यह कार्य अधिक जरूरी था। तीनों विधायकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पुनर्गठन में सुधार की मांग की है, विशेषकर कुशलगढ़ क्षेत्र में गंभीर विसंगतियां बताई गई हैं।
अधिकारियों को लगाई फटकार
बैठक में विधायक कैलाश मीणा ने भ्रष्टाचार और विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर अधिकारियों को जमकर लताड़ा। उन्होंने पीडब्ल्यूडी पर आरोप लगाते हुए कहा कि विवादित ठेकेदारों को ही दोबारा काम दिए जा रहे हैं। त्रिपुरा सुंदरी मंदिर रोड और अटल पथ पर नालियां खोदकर छोड़ दी गई हैं।
कैनाल परियोजना पर नाराजगी
विधायक मीणा ने अपर हाई लेवल कैनाल परियोजना की सुस्त प्रगति पर भी सवाल उठाए और जिला कलेक्टर इंद्रजीत यादव से विशेष मॉनिटरिंग के निर्देश दिए ताकि नवंबर 2026 की डेडलाइन पूरी हो सके। बैठक में विधायक जयकृष्ण पटेल सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
