कैंसर की पहचान अब होगी आसान
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उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ ने तैयार किया अनोखा हेल्थ ऐप
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 23 जनवरी: ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की पहचान ज्यादा मुश्किल नहीं, लेकिन अब कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान संभव होगी। उदयपुर स्थित आरएनटी मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र राठौड़ ने एक ऐसा डिजिटल हेल्थ एप तैयार किया है, जो आम लोगों को शुरुआती स्तर पर ही गंभीर बीमारी के खतरे के प्रति सतर्क कर सकेगा। इस एप को नेशनल लेवल पर प्रिवेंटिव हेल्थकेयर के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
डॉ. राठौड़ द्वारा विकसित यह एप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मेडिकल डेटा एनालिसिस पर आधारित है। एप के माध्यम से व्यक्ति अपनी उम्र, वजन, जीवनशैली, खानपान, पारिवारिक बीमारी का इतिहास, ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल सहित अन्य आवश्यक जानकारियां दर्ज कर सकता है। इन आंकड़ों के आधार पर एप संभावित रूप से कैंसर, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के जोखिम का आकलन करता है।
एप की खासियतें
यह एप केवल बीमारी की आशंका बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यूजर को डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह, जरूरी मेडिकल जांच, और जीवनशैली में सुधार के सुझाव भी देता है। खास बात यह है कि एप ग्रामीण और शहरी—दोनों क्षेत्रों के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे आम नागरिक भी बिना अधिक खर्च के अपनी सेहत की निगरानी कर सके।
डॉक्टरों के लिए भी उपयोगी
डॉ. राठौड़ के अनुसार यह एप केवल मरीजों के लिए ही नहीं, बल्कि डॉक्टरों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगा। एप के जरिए मरीज की प्रारंभिक रिपोर्ट पहले से उपलब्ध होने पर डॉक्टर बीमारी की गंभीरता को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और इलाज की दिशा तय कर सकेंगे। इससे इलाज में लगने वाला समय और खर्च—दोनों कम होंगे।
नेशनल हेल्थ मिशन से जुड़ने की तैयारी
बताया जा रहा है कि इस एप को भविष्य में डिजिटल इंडिया और नेशनल हेल्थ मिशन से जोड़ने की भी योजना है। यदि यह एप राष्ट्रीय स्तर पर लागू होता है, तो देश में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को नई दिशा मिल सकती है और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से होने वाली मृत्यु दर में भी कमी लाई जा सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे देश में, जहां बड़ी आबादी अब भी नियमित हेल्थ चेकअप नहीं करवा पाती, वहां इस तरह के डिजिटल हेल्थ एप्स गेम चेंजर साबित हो सकते हैं। समय पर बीमारी की पहचान ही सबसे बड़ा इलाज है, और यह एप उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
डॉ. राठौड़ बताते हैं कि उनका विकसित हैल्थ एप विश्व कैंसर दिवस (4 फ़रवरी 2026) से एक दिन पहले QR कोड के ज़रिए सभी के लिए उपलब्ध होगा। उनके मुताबिक यह सिर्फ़ एक ऐप नहीं, बल्कि एक Clinical Decision Support System (CDSS) है, जिसे उदयपुर की जीवनशैली, माइनिंग/मार्बल वर्क, चूल्हे के धुएँ और स्थानीय बीमारियों के जोखिम को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसकी मुख्य विशेषताएं यह हैं।
मुख्य विशेषताएँ :
- बीमारी से पहले बचाव: CBAC स्कोर से BP, डायबिटीज़ जैसे जोखिमों की पहचान
- माइनिंग/मार्बल वर्कर्स: सिलिकोसिस के लिए विशेष Lung Assessment
- चूल्हे का धुआँ: ग्रामीण महिलाओं के लिए फेफड़ों की सही जाँच सलाह
- कैंसर स्क्रीनिंग: मुँह, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की समय पर पहचान
- प्रोफेशनल PDF रिपोर्ट: WhatsApp से सीधे डॉक्टर को दिखाने योग्य
- 100% प्राइवेट: कोई सर्वर नहीं, पूरा डेटा आपके फोन में
- पूरी तरह ऑफलाइन: ASHA/ANM टैबलेट पर भी उपयोगी
