त्रिपुरा सुंदरी मंदिर धर्मशाला में CBI की दबिश
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नाम बदलकर ठहरा था करोड़ों की ठगी का भगोड़ा, पास के कमरे में रातभर डटी रही टीम
उदयपुर, 30 जनवरी:सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने गुरुवार देर रात बांसवाड़ा स्थित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर की धर्मशाला में सुनियोजित कार्रवाई करते हुए बैंकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले 10 साल से फरार आरोपी संजीव दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले तीन दिनों से धर्मशाला में फर्जी नाम ‘संजय भारद्वाज’ से ठहरा हुआ था। खास बात यह रही कि जिस कमरे में आरोपी सो रहा था, उससे सटे कमरे में CBI की टीम पूरी रात मौजूद रही और सुबह होते ही उसे धर दबोचा।
20–25 करोड़ के लोन की ठगी, 10 साल से था फरार
CBI के अनुसार यूपी के बागपत निवासी संजीव दीक्षित ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए विभिन्न बैंकों से करीब 20 से 25 करोड़ रुपये का लोन लिया और उसे चुकाए बिना फरार हो गया था। वर्ष 2013 में उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ, 2014 में उसे गिरफ्तार भी किया गया, लेकिन 2016 में सोनीपत पुलिस की कस्टडी से चकमा देकर भाग निकला। इसके बाद 2017 में CBI कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
रात 9 बजे पहुंची टीम, सुबह 5 बजे की गिरफ्तारी

CBI को सूचना मिली थी कि आरोपी त्रिपुरा सुंदरी मंदिर क्षेत्र में छिपा है। गुरुवार रात करीब 9 बजे टीम ने धर्मशाला में पड़ताल की और पता चला कि आरोपी कमरा नंबर 54 में ठहरा है। टीम ने उसे रात में पकड़ने की बजाय रणनीति के तहत पास का कमरा नंबर 53 बुक किया और पूरी रात निगरानी की। शुक्रवार सुबह 5 बजे बांसवाड़ा सदर थाना पुलिस के जाब्ते के साथ कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पत्नी भी गिरफ्तार, कई नामों से बनवाए फर्जी दस्तावेज
CBI ने इस केस से जुड़े एक अन्य मामले में आरोपी की पत्नी आरती शर्मा को वड़ोदरा से गिरफ्तार किया है। संजीव दीक्षित अलग-अलग नामों—पंकज भारद्वाज, संजय शर्मा—से फर्जी दस्तावेज बनाकर ठगी करता रहा। वह जहां भी जाता, खुद को ज्योतिष बताता था।
दिल्ली नंबर की कार जब्त, ट्रांजिट रिमांड की तैयारी
आरोपी दिल्ली पासिंग नंबर की कार से मंदिर आया था, जो बीकानेर निवासी के नाम पर पंजीकृत बताई जा रही है। कार को सदर थाने में खड़ा करवाया गया है। सदर थाना सीआई रूपसिंह के अनुसार ट्रांजिट रिमांड के बाद आरोपी को बड़ौदा और फिर दिल्ली ले जाया जाएगा।
