12 दिन के नवजात की मौत पर बवाल
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जीबीएच हॉस्पिटल पर लापरवाही के आरोप
परिजन बोले, हाईडोज इंजेक्शन से बिगड़ी हालत
उदयपुर, 6 जनवरी: उदयपुर के जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल में 12 दिन के नवजात शिशु की मौत के बाद मंगलवार को अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। गुस्साए परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ जमकर हंगामा किया। हालात इतने बिगड़ गए कि अस्पताल स्टाफ और परिजनों के बीच तीखी बहस के बाद धक्कमपेल तक की नौबत आ गई।
माहौल बिगड़ता देख प्रतापनगर थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से समझाइश कर स्थिति को नियंत्रित किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद परिजनों ने प्रतापनगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की।
मृतक बच्चे के पिता शिशवी निवासी अजय खटीक ने बताया कि उनकी पत्नी ने 26 दिसंबर को बेटे को जन्म दिया था। प्रसव के दो दिन बाद मां और बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। कुछ दिनों बाद बच्चे की आंख में संक्रमण नजर आया, जिसके बाद उसे दोबारा जीबीएच हॉस्पिटल लाया गया और एनआईसीयू में भर्ती किया गया।
परिजनों का आरोप है कि सोमवार रात तक बच्चा सामान्य था, लेकिन मंगलवार सुबह उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। पिता का कहना है कि सुबह बच्चा बेहोश अवस्था में मिला और सांस लेने में परेशानी हो रही थी। डॉक्टरों द्वारा सीपीआर दिया गया, लेकिन तब तक बच्चे की सांसें थम चुकी थीं। परिजनों का दावा है कि बाद में नर्सिंग स्टाफ से पता चला कि रात में बच्चे को जरूरत से ज्यादा डोज वाले इंजेक्शन दिए गए थे, जिससे उसकी हालत बिगड़ी।
वहीं मामले में अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज किया है। जीबीएच ग्रुप के डॉ. आनंद झा ने कहा कि डॉक्टर और स्टाफ ने बच्चे को बचाने के लिए पूरी कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इलाज पूरी तरह मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।
फिलहाल प्रतापनगर थाना पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि नवजात की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या रहा।
