कोख के सौदे पर शिकंजा: पीसीपीएनडीटी टीम का सफल डिकॉय ऑपरेशन
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आईवीएफ सेंटर पर छापा, डॉक्टर और महिला दलाल पकड़ी गई
उदयपुर, 8 जनवरी: राजस्थान में भ्रूण लिंग निर्धारण जैसे गंभीर अपराध के खिलाफ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की सख्ती लगातार जारी है। इसी कड़ी में पीसीपीएनडीटी टीम ने उदयपुर में डिकॉय ऑपरेशन कर एक महिला डॉक्टर और महिला दलाल को रंगे हाथों पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी डॉ. अमित यादव के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हेमंत जाखड़ के निर्देशन में की गई।
एएसपी डॉ. हेमंत जाखड़ ने बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि उदयपुर में एक महिला दलाल गर्भवती महिलाओं को अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच कराने के लिए विभिन्न जांच केंद्रों तक ले जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद पीसीपीएनडीटी टीम ने योजना बनाकर एक गर्भवती महिला को डिकॉय के रूप में दलाल पूजा सागर के संपर्क में भेजा।
दलाल ने 35 हजार रुपये लेकर गर्भवती महिला को मुख्य डाकघर क्षेत्र स्थित एक आईवीएफ एवं टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर पहुंचाया। जांच प्रक्रिया के दौरान दलाल ने सेंटर संचालिका डॉ. नीना सक्सेना से संपर्क कराया। आरोप है कि डॉक्टर ने शेष 30 हजार रुपये की मांग करते हुए भुगतान के बाद भ्रूण का लिंग बताया और गर्भ में पुत्र होने की पुष्टि की।
पूर्व निर्धारित संकेत मिलने पर पीसीपीएनडीटी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला दलाल पूजा सागर तथा सेंटर संचालिका डॉ. नीना सक्सेना को हिरासत में ले लिया। मौके से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
पूरे प्रकरण में पीबीआई थाना पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जांच के दायरे में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रूण लिंग निर्धारण जैसे अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा, ताकि बेटियों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
