अपने मकान होते हुए भी निगम आवास में जमे कार्मिक, बाहरी कर्मचारी वंचित
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उदयपुर, 23 फरवरी (राजेश वर्मा): नगर निगम के आवासीय परिसर में आवंटन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई अधिकारी और कर्मचारी शहर में अपने निजी मकान होने के बावजूद निगम के सरकारी आवासों पर वर्षों से काबिज हैं, जबकि अन्य शहरों से आकर यहां कार्यरत कार्मिकों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही और वे महंगे किराए पर रहने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार अशोकनगर स्थित निगम के बहुमंजिला आवासीय परिसर में ऐसे कई कर्मचारी रह रहे हैं जिनके उदयपुर शहर में निजी मकान हैं। इनमें एक्सईएन रितेश पाटीदार का हिरणमगरी, शेखर शर्मा का सुथारवाड़ा, दिलीप भारद्वाज का तेरापंथी नोहरे के सामने, पवन पालीवाल का चांदपोल के बाहर तथा नरेंद्र माली का रूपसागर यूनिवर्सिटी रोड क्षेत्र में स्वयं का मकान बताया जा रहा है। इसके बावजूद ये कर्मचारी निगम आवासीय सुविधा का लाभ ले रहे हैं।
दूसरी ओर, बाहर से स्थानांतरित होकर आए निगम कार्मिकों को आवास उपलब्ध नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि आवास आवंटन में बाहरी कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही कुछ आवास आपात स्थिति के लिए आरक्षित रखने की मांग भी उठाई गई है।
