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बांसवाड़ा से गहरे जुड़ाव वाले उत्तम स्वामी पर दुष्कर्म के आरोपों से श्रद्धालु सकते में

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बांसवाड़ा से गहरे जुड़ाव वाले उत्तम स्वामी पर दुष्कर्म के आरोपों से श्रद्धालु सकते में

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बांसवाड़ा से आश्रम की शुरुआत, यहीं ‘महर्षि’ के नाम से पहचान बनी
बांसवाड़ा, 16 फरवरी :
मध्य प्रदेश के चर्चित कथावाचक और महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी पर लगे दुष्कर्म के गंभीर आरोपों के बीच यह तथ्य सामने आया है कि उनकी धार्मिक यात्रा की शुरुआत राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से हुई थी। उत्तम स्वामी ने अपना पहला आश्रम बांसवाड़ा में स्थापित किया था, जहां शुरुआती दौर में उन्हें ‘महर्षि’ के नाम से जाना जाता था।
बताया जाता है कि बांसवाड़ा में आश्रम की नींव रखने के बाद ही उत्तम स्वामी ने धीरे-धीरे धार्मिक आयोजनों और कथाओं के माध्यम से अपना प्रभाव क्षेत्र बढ़ाया। स्थानीय स्तर से शुरू हुई उनकी पहचान आगे चलकर मध्य प्रदेश तक पहुंची, जहां उन्होंने बड़े धार्मिक मंचों पर प्रवचन शुरू किए और धीरे-धीरे धार्मिक प्रभाव व राजनीतिक संपर्कों के जरिए मजबूत पैठ बना ली।
सूत्रों के मुताबिक उत्तम स्वामी के देश के कई हिस्सों में अब आश्रम और अनुयायी हैं। 10 अप्रैल 2021 को उन्हें पहली बार महामंडलेश्वर की पदवी मिली थी। इससे पहले बांसवाड़ा में उनके शुरुआती अनुयायी उन्हें महर्षि कहकर संबोधित करते थे।
इधर मामला उस समय चर्चा में आया जब एक युवती ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजकर आरोप लगाया कि स्वामी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और लंबे समय तक उसका शोषण किया। पीड़िता का दावा है कि स्वामी ने भरोसा जीतकर उसे अलग-अलग स्थानों पर बुलाया और अपराध किया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बाद उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिसके चलते उसने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
दूसरी ओर, उत्तम स्वामी का बयान भी सामने आया है जिसमें उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह “सनातन धर्म पर हमला” है और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आरोप सामने आने के बाद जबलपुर में उनकी कथा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है और उनके अंडरग्राउंड होने की चर्चाएं भी सामने आई हैं।

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