डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं ठप
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डूंगरपुर, 5 फरवरी : डूंगरपुर में मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद सरकार सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं शुरू करने की घोषणाएं कर रही है, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण ये सेवाएं अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में न्यूरोलॉजी, गेस्ट्रोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी विभागों की शुरुआत सालभर पहले होनी थी, पर विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिलने से मरीजों को गुजरात और उदयपुर जाना पड़ रहा है।
सरकार ने चारों विभागों के लिए पद स्वीकृत कर इंटरव्यू भी आयोजित किए, लेकिन एक भी सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर नियुक्त नहीं हो पाया। यही स्थिति प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी बनी हुई है।
इन सुविधाओं के शुरू होने से हार्ट, पेट, किडनी और मस्तिष्क संबंधी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को राहत मिल सकती थी। आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में ऐसे मरीजों की संख्या अधिक है, लेकिन डॉक्टरों के अभाव में उन्हें रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीजों को आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या कम होने के कारण वे बड़े शहरों में ही सेवाएं देना पसंद करते हैं, जहां बेहतर पैकेज और सुविधाएं मिलती हैं।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. रूपेश कुमार ने बताया कि डॉक्टरों की नियुक्ति होते ही यूनिट शुरू कर दी जाएगी और जरूरी उपकरण भी मंगवाए जाएंगे। इससे जिले के मरीजों को इलाज में बड़ी राहत मिलेगी।
