7 माह बाद भी नहीं पहुंची साइकिलें, 10 हजार से अधिक बेटियां इंतजार में
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डूंगरपुर में साइकिल वितरण योजना पर ब्रेक, पढ़ाई पर पड़ रहा असर
डूंगरपुर, 27 जनवरी: राज्य सरकार की बहुप्रचारित साइकिल वितरण योजना डूंगरपुर जिले में सुस्त रफ्तार का शिकार हो गई है। शैक्षिक सत्र शुरू हुए सात माह बीत चुके हैं, लेकिन जिले की 10,792 छात्राएं आज भी साइकिल मिलने का इंतजार कर रही हैं। कक्षा 9वीं में अध्ययनरत इन छात्राओं को स्कूल तक सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजना शुरू की गई थी, परंतु समय पर लाभ नहीं मिलने से इसका मकसद अधूरा नजर आ रहा है।
योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और ड्रॉपआउट दर में कमी लाना है, खासकर दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों में। कई छात्राएं रोजाना लंबी दूरी पैदल तय करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और सुरक्षा दोनों पर असर पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार सरकार द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ठेका कंपनी को वर्क ऑर्डर भी जारी किया जा चुका है, इसके बावजूद जिले में साइकिलों की आपूर्ति अब तक नहीं हो पाई है। 23 जनवरी को मेघा पीटीएम के दौरान केवल 21 साइकिलें ही उपलब्ध कराई गईं, जिन्हें जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से वितरित किया गया।
इस मामले में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी अमृतलाल यादव ने बताया कि जैसे ही ठेका कंपनी द्वारा साइकिलें उपलब्ध करवाई जाएंगी, सभी पात्र छात्राओं को शीघ्र वितरण कर दिया जाएगा। तब तक हजारों बेटियों की निगाहें योजना के अमल पर टिकी हुई हैं।
