नेपाल में Gen-Z आंदोलन ने पीएम सुशीला कार्की से इस्तीफा मांगा
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काठमांडू, 15 सितंबर: नेपाल में Gen-Z प्रदर्शनकारियों ने अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की से इस्तीफा देने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कैबिनेट विस्तार के दौरान सरकार ने उनकी राय नहीं ली। विरोध का नेतृत्व “हामी नेपाल” NGO के संस्थापक और Gen-Z आंदोलन के नेता सुदान गुरुंग कर रहे हैं।
गुरुंग ने रविवार रात पीएम ऑफिस के बाहर समर्थकों के साथ नारेबाजी की और धमकी दी कि अगर फिर सड़क पर उतरे तो कोई उन्हें रोक नहीं पाएगा। उनका आरोप है कि सीनियर वकील ओमप्रकाश आर्यल सरकार में दखल दे रहे हैं और खुद को गृहमंत्री बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम कार्की ने आर्यल को गृह और कानून मंत्री, रामेश्वर खनाल को वित्त मंत्री तथा कुलमान घिसिंग को ऊर्जा मंत्री नियुक्त किया है।
गुरुंग ने 12 सितंबर को कार्की की शपथ ग्रहण के दौरान उनके पैर छुए थे। 36 वर्षीय गुरुंग ने 8 सितंबर को काठमांडू में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी। उनका संगठन “हामी नेपाल” आमतौर पर आपदाओं में राहत कार्यों और मानवीय मुद्दों से जुड़ा रहता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, Gen-Z आंदोलन के बाद नेपाल की बड़ी राजनीतिक पार्टियों में संकट गहरा गया है। अंतरिम पीएम की नियुक्ति और संसद के भंग होने के बाद नेपाली कांग्रेस, CPN-UML, माओवादी केंद्र सहित आठ प्रमुख दलों ने इसे असंवैधानिक करार दिया है। युवा नेताओं ने अपने वरिष्ठ नेताओं से इस्तीफे की मांग शुरू कर दी है, जिससे देश की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है।
