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सरकार के पास आदिवासियों के लिए कोई सम्मान नहीं: बीएपी

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सरकार के पास आदिवासियों के लिए कोई सम्मान नहीं: बीएपी

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बिरसा मुंडा जयंती समारोह में घोषणा नहीं करने पर हमला; कानून-व्यवस्था, नरेगा भुगतान और एसआईआर सर्वे पर भी सवाल
डूंगरपुर, 19 नवम्बर (विजन 360 न्यूज डेस्क):
भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) ने भगवान बिरसा मुंडा जयंती के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दौरे को लेकर सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। बीएपी का कहना है कि मुख्यमंत्री डूंगरपुर आए, लेकिन आदिवासियों के हित में कोई घोषणा नहीं की, जिससे सरकार की उदासीनता साफ झलकती है।
बीएपी जिलाध्यक्ष अनुतोष रोत ने आरोप लगाया कि सरकार के पास आदिवासियों के लिए न सम्मान है, न संवेदना। उन्होंने कहा कि चाहें तो मुख्यमंत्री भगवान बिरसा मुंडा की मूर्ति स्थापना जैसी पहल भी कर सकते थे। उन्होंने ‘जय जौहर’ के मुद्दे पर राजनीति किए जाने की भी आलोचना की।
रोत ने सभा के उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि कार्यक्रम बिरसा मुंडा जयंती के बजाय आगामी पंचायती राज चुनावों को ध्यान में रखकर आयोजित प्रतीत होता है। उन्होंने डूंगरपुर पुलिस के ऑपरेशन संस्कार की सराहना की और इसे निरंतर जारी रखने की मांग की। साथ ही उन्होंने जिले में कानून व्यवस्था, चिकित्सा और शिक्षा व्यवस्था को खराब बताते हुए कहा कि टीएसपी क्षेत्र में 1750 करोड़ रुपए का बजट लैप्स होना गंभीर लापरवाही है।
बीएपी के प्रदेशाध्यक्ष (सामान्य वर्ग) दिग्विजय सिंह ने एसआईआर सर्वे पर सवाल उठाते हुए कहा कि मृत और डुप्लीकेट वोट हटाने के नाम पर कई जनजातियों के मतदाता सूची से नाम काटे जा रहे हैं, जिससे बीएलओ पर अनावश्यक दबाव बढ़ा है।
राष्ट्रीय सदस्य पोपट खोखरिया ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नरेगा ठप पड़ा है और 353 करोड़ रुपए का भुगतान लंबित है, जिससे ग्रामीण रोजगार प्रभावित हो रहा है। इस दौरान बीएपी नेता दिनेश ने ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की।

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