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राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया बोले – “गर्दन झुकाना बहुत कठिन होता है”

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राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया बोले – “गर्दन झुकाना बहुत कठिन होता है”

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जन्मदिन पर पहली बार शहर बीजेपी रही दूर, देहात इकाई ने किया सम्मान
उदयपुर, 13 अक्टूबर:
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया अपने 82वें जन्मदिन के अवसर पर सोमवार को उदयपुर पहुंचे। अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान उन्होंने शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन किए और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लिया। हालांकि इस बार उनके जन्मदिन पर पहली बार शहर बीजेपी ने कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं रखा, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
धार्मिक स्थलों पर की पूजा, कार्यकर्ताओं से हुए रूबरू
कटारिया ने सुबह सबसे पहले माछला मगरा स्थित त्र्यंबकेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेक किया। इसके बाद महाकालेश्वर मंदिर और बोहरा गणेशजी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। इस दौरान बीजेपी जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ सहित कई जिला और मंडल अध्यक्षों ने उनका स्वागत कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
कटारिया ने कहा, “हर साल की तरह इस बार भी मैंने उदयपुर के पूजनीय स्थलों पर दर्शन किए। 45 साल से यह मेरी परंपरा रही है। जनता और ईश्वर की कृपा से आज भी आशीर्वाद मिल रहा है।”
कटारिया बोले – “गर्दन झुकाना कठिन, क्योंकि हम अकड़ कर सीधे हो गए हैं”
एक सम्मान समारोह में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आज एक दिन में 6 मंडलों के कार्यक्रम रखे गए हैं। 82 वर्ष की उम्र में थोड़ी थकान आना स्वाभाविक है। गर्दन झुकाना बहुत कठिन होता है, क्योंकि हम अकड़ कर सीधे हो गए हैं। फिर भी कार्यकर्ता के आगे सिर झुकाते हैं क्योंकि वे हमसे बड़े हैं।”

शहर बीजेपी का बहिष्कार या गुटबाजी का असर?

कटारिया के जन्मदिन पर हर साल शहर बीजेपी द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार पहली बार कोई औपचारिक आयोजन नहीं किया गया। हालांकि देहात बीजेपी की ओर से उनका सम्मान किया गया। इस बार सभी कार्यक्रमों की जिम्मेदारी शहर विधायक ताराचंद जैन के पास रही। उनके और शहर बीजेपी अध्यक्ष गजपाल सिंह के बीच चल रही गुटबाजी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। शहर के कई चौराहों पर विधायक जैन और मंडल अध्यक्षों की ओर से बधाई संदेशों वाले होर्डिंग्स लगाए गए, लेकिन एकजुटता की कमी साफ झलकी। सहकारिता प्रकोष्ठ संयोजक प्रमोद सामर और पूर्व डिप्टी मेयर पारस सिंघवी जैसे नेताओं के नियमित कार्यक्रम भी इस बार नहीं हुए या संयोजक बदले गए।

कटारिया का दो दिवसीय प्रवास, एक दर्जन से ज्यादा कार्यक्रम

कटारिया का उदयपुर में दो दिन का प्रवास तय है, जिसमें वे कई सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। शहर में आयोजित कुल 12 से अधिक कार्यक्रमों के माध्यम से वे जनसंपर्क और कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं।
वहीं, सगसजी बावजी मंदिर पर ​निवर्तमान डिप्टी मेयर पारस सिंघवी की ओर से होने वाले कार्यक्रम में बदलाव किया गया। वहां भी सिंघवी के बजाय किसी ओर को संयोजक बनाया। सुभाष चौराहे पर अतुल चंडालिया द्वारा किए गए जाने वाले कार्यक्रम को नहीं रखा गया है। हालांकि चंडालिया ने इस बार अपने स्तर पर ही पारिवारिक समारोह के नाम पर एक स्नेहभोज रखा है। इन नेताओं ने शहर विधायक ताराचंद जैन और पूर्व महामंत्री किरण जैन से संपर्क किया था। इस पर जवाब नहीं आने और पहले से कार्यक्रम तय हो जाने पर इन नेताओं ने दूरी बना ली।

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