देशव्यापी हड़ताल का असर: उदयपुर संभाग में थमे 3,200 प्राइवेट बसों के पहिए
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छह जिलों में लाखों यात्री प्रभावित, करोड़ों का कारोबार ठप
उदयपुर, 24 फरवरी: मंगलवार रात्रि 12 बजे से प्राइवेट बस संगठन द्वारा घोषित देशव्यापी हड़ताल का असर उदयपुर संभाग के सभी छह जिलों उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, सलूम्बर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा—में व्यापक रूप से देखने को मिला। हड़ताल के चलते संभागभर में करीब 3,200 प्राइवेट बसों के पहिए थम गए।
बस ऑपरेटरों के अनुसार इनमें रोडवेज से इतर संचालित लोकल, इंटरसिटी, टूरिस्ट और लंबी दूरी की बसें शामिल हैं। प्रतिदिन इन बसों से औसतन 1.80 से 2 लाख यात्री सफर करते हैं। हड़ताल के कारण एक ही दिन में इतने यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई। सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को हुई, जिन्हें अहमदाबाद, जयपुर, इंदौर और सूरत जैसे शहरों के लिए सफर करना था।
छह जिलों में बसों की स्थिति
उदयपुर जिले में करीब 900, प्रतापगढ़ और सलूम्बर जिलों में 700, चित्तौड़गढ़ में 600, राजसमंद में 400, डूंगरपुर में 300 और बांसवाड़ा में लगभग 300 बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहा। कई स्थानों पर बस स्टैंड सूने नजर आए। यात्रियों को मजबूरी में ट्रेन और रोडवेज बसों का सहारा लेना पड़ा, जहां सीटों की कमी से अव्यवस्था की स्थिति बनी रही।
कारोबार पर पड़ा असर
बस ऑपरेटरों का दावा है कि संभागभर में प्रतिदिन लगभग 5 से 7 करोड़ रुपए का टिकट कारोबार होता है। हड़ताल के चलते यह पूरा कारोबार प्रभावित हुआ। इसके अलावा होटल, ढाबा, ट्रैवल एजेंसी और छोटे व्यापारियों पर भी सीधा असर पड़ा। प्राइवेट बस संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि टैक्स और परमिट संबंधी मुद्दों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है। फिलहाल, हड़ताल के कारण आमजन को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
