उदयपुर में 10 दिन में 900 कलाकार देंगे लोककला की प्रस्तुति
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शिल्पग्राम उत्सव का आगाज कल से, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े नगाड़ा बजाकर करेंगे उद्घाटन की घोषणा
केंद्रीय संस्कृतिक मंत्री शेखावत व पंजाब के राज्यपाल कटारिया भी रहेंगे मौजूद
उदयपुर, 19 दिसम्बर: शहर से सटे हवाला स्थित शिल्पग्राम में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से 21 दिसम्बर से शुरू हो रहे दस दिवसीय शिल्पग्राम उत्सव में देशभर से 900 लोक कलाकार लोक कला संस्कृति की प्रस्तुति देंगे। उत्सव में देश भर की उत्कृष्ट लोक कलाओं का प्रदर्शन होगा। उत्सव का उद्घाटन केंद्र के अध्यक्ष एवं राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े नगाड़ा बजाकर करेंगे।
केंद्र निदेशक फुरकान खान ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे जबकि अति विशिष्ट आमंत्रित अतिथि पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया होंगे। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, विधायक ताराचंद जैन ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा भी शोभा बढ़ाएंगे। उत्सव के पहले दिन अपराह्न 3 बजे से प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
उत्सव में करीब 22 राज्यों के 91 आर्टिस्ट ग्रुप्स के करीब 900 लोक कलाकारों द्वारा 82 लोक कलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। प्रयास यह किया गया है कि प्रतिदिन दिनभर कुछ नई प्रस्तुतियां हों, ताकि दर्शकों को हर दिन कुछ नया देखने को मिले। 22 से 29 दिसंबर तक ‘हिवड़ा री हुक’ कार्यक्रम बंजारा मंच पर प्रतिदिन दोपहर 1 से 4 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें दर्शकों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। नेशनल पेंटिंग सिम्पोजियम शिविर 21 से 25 दिसंबर तक ‘विजन भारत 2047’ थीम पर होगा, जिसमें देश के 15 नामचीन वरिष्ठ एवं पद्मश्री कलाकार भाग लेंगे। वहीं, 14 राज्यों के लगभग 200 कलाकारों द्वारा एक कोरियोग्राफ नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा, जिसे प्रसिद्ध कोरियोग्राफर सुशील शर्मा तैयार करवा रहे हैं। दर्शकों को विभिन्न राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजन उपलब्ध कराने के लिए चार फूड जोन बनाए गए हैं, जहां लगभग 12 राज्यों के लजीज व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकेगा। मेले में कुछ स्थानों पर स्क्रीन लगाकर पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा लोक कला और शिल्प पर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी।
डॉ. राज्यगुरु व चौधरी को डॉ. कोमल कोठारी स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
राजस्थान के प्रसिद्ध कला मर्मज्ञ पद्मश्री की स्मृति में इस वर्ष डॉ. कोमल कोठारी स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट लोक कला पुरस्कार राजकोट (गुजरात) के डॉ. निरंजन वल्लभभाई राज्यगुरु और जयपुर (राजस्थान) के रामनाथ चौधरी को दिया जाएगा। प्रत्येक को एक रजत पट्टिका के साथ ही 2.51 लाख रुपए दिए जाएंगे।
पत्थरों में तराशे स्कल्पचर रहेंगे आकर्षक का केंद्र
शिल्पग्राम में इस साल युवा मूर्तिकारों द्वारा 12 पत्थरों में तराशे गए पुराना कैमरा, पुराना टेलीफोन, भाप का इंजन, लोमड़ी, बैगपाइप, रीढ़ की हड्डी, रेडियो, बल्ब, बूट, पर्दे से निहारते चेहरे, वायलिन और किताब आकर्षण का केंद्र होंगे। राजस्थानी वेशभूषा में घूमर नृत्य करते हुए विभिन्न मुद्राओं के 12 पुतले भी दर्शकों को आकर्षित करेंगे।
फतहसागर-सहेलियों की बाड़ी के मिनिएचर मॉडल भी खीचेंगे ध्यान
संगम हॉल में शिल्पग्राम एवं शिल्पग्राम उत्सव के विषय पर आयोजित फोटोग्राफी प्रतियोगिता में चयनित फोटोग्राफ्स, केंद्र द्वारा वर्षभर में आयोजित कार्यशालाओं व शिविरों में बनी पेंटिंग्स एवं हाजी सरदार मोहम्मद द्वारा बनाए गए सहेलियों की बाड़ी, सज्जनगढ़, फतेहसागर पाल, घंटाघर आदि के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे।
