ग्रीनलैंड पर कब्जे की योजना बना रहे ट्रम्प?
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स्पेशल कमांडो को सौंपा टास्क, NATO में मच सकती है हलचल
वॉशिंगटन डीसी, 11 जनवरी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर अपने बयानों और फैसलों को लेकर वैश्विक सुर्खियों में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की संभावनाओं को लेकर गंभीरता से योजना बना रहा है। ब्रिटिश टैब्लॉयड डेली मेल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रम्प ने इस संबंध में जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) को संभावित रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि, अमेरिकी सैन्य नेतृत्व इस विचार से असहज नजर आ रहा है और इसे कानूनी रूप से गलत बताया जा रहा है।
जनरलों की नाराजगी, जिद को बताया बचकाना
डेली मेल से बातचीत में एक राजनयिक सूत्र ने कहा कि अमेरिकी जनरलों को यह योजना “बेतुकी और गैरकानूनी” लगती है। सूत्र के मुताबिक, सैन्य अधिकारी निजी तौर पर मानते हैं कि ग्रीनलैंड को लेकर ट्रम्प की जिद “पांच साल के बच्चे से निपटने जैसी” है।
घरेलू राजनीति से जुड़ा मामला?
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रम्प की ग्रीनलैंड में रुचि केवल रणनीतिक नहीं, बल्कि घरेलू राजनीति से भी जुड़ी हो सकती है। अमेरिका में इस साल के अंत में मिड-टर्म चुनाव होने हैं और रिपब्लिकन पार्टी को संसद में बहुमत खोने का डर है। ऐसे में ट्रम्प किसी बड़े और आक्रामक फैसले के जरिए महंगाई और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान हटाना चाहते हैं।
NATO पर मंडराता संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका ग्रीनलैंड पर आक्रामक कदम उठाता है, तो इससे NATO गठबंधन में गंभीर संकट पैदा हो सकता है। यूरोपीय देशों के साथ अमेरिका का सीधा टकराव हो सकता है और NATO टूटने की कगार पर पहुंच सकता है। कुछ यूरोपीय अधिकारियों का आरोप है कि ट्रम्प के करीबी कट्टरपंथी MAGA गुट का उद्देश्य NATO को अंदर से कमजोर करना है।
NATO से क्यों नाराज हैं ट्रम्प
ट्रम्प लंबे समय से NATO को अमेरिका के लिए “बोझ” बताते रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिका सबसे ज्यादा खर्च करता है, जबकि कई यूरोपीय देश अपनी GDP का 2% रक्षा पर खर्च करने का लक्ष्य पूरा नहीं करते। अपने पहले कार्यकाल में भी ट्रम्प ने NATO सहयोगियों को चेतावनी दी थी कि अगर वे भुगतान नहीं बढ़ाएंगे, तो अमेरिका उनकी रक्षा नहीं करेगा।
रूस-चीन का डर दिखाकर ग्रीनलैंड पर दावा
हाल ही में ट्रम्प ने कहा था कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा नहीं किया, तो रूस और चीन वहां अपनी पकड़ बना सकते हैं। उन्होंने ग्रीनलैंड के पास रूसी और चीनी नौसैनिक गतिविधियों का हवाला देते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया। ट्रम्प ने यहां तक कहा कि “हम ग्रीनलैंड के मुद्दे पर कुछ न कुछ करेंगे, चाहे उन्हें पसंद हो या न हो।”
