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“ऐसे ‘महामूर्ख’ नेता प्रतिपक्ष नहीं देखे”: राहुल गांधी के बयान पर निशिकांत दुबे का पलटवार

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“ऐसे ‘महामूर्ख’ नेता प्रतिपक्ष नहीं देखे”: राहुल गांधी के बयान पर निशिकांत दुबे का पलटवार

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उदयपुर, 14 फरवरी (सुभाष शर्मा) : भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शनिवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी को “महामूर्ख” बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा करते हुए निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।
निजी कार्यक्रम में शनिवार को उदयपुर आए दुबे ने कहा, “मैंने देश में ऐसा ‘महामूर्ख’ नेता प्रतिपक्ष नहीं देखा। कपास किसानों की सुरक्षा के लिए पिछले 8 वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी ने 11 प्रतिशत आयात शुल्क लागू कर रखा है। किसानों को सुरक्षित करने के बाद वस्त्र क्षेत्र को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है, क्योंकि हमें वियतनाम जैसे देशों से मुकाबला करना है।”
उन्होंने आगे दावा किया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत छोटे उद्योगों के निर्यातकों को शून्य शुल्क का लाभ मिलेगा। दुबे ने राहुल गांधी पर “बकवास फैलाने” और लोगों को भड़काने का आरोप भी लगाया।
यह बयान राहुल गांधी की उस आलोचना के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस समझौते से भारत के कपास किसानों और वस्त्र निर्यातकों को नुकसान होगा। गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिका में भारतीय परिधानों पर 18 प्रतिशत शुल्क लगाया जा रहा है, जबकि बांग्लादेश को शून्य शुल्क का लाभ मिल रहा है, बशर्ते वह अमेरिकी कपास आयात करे।
राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिकी कपास आयात करने से घरेलू किसान प्रभावित होंगे और यदि आयात नहीं किया गया तो वस्त्र उद्योग को नुकसान होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि बांग्लादेश भारत से कपास आयात कम या बंद करने के संकेत दे रहा है, जिससे भारतीय उत्पादकों की स्थिति और बिगड़ सकती है।
एक्स पर पोस्ट में गांधी ने सरकार पर किसानों और उद्योग को “फंसाने” का आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों लोगों की आजीविका कपास खेती और वस्त्र उद्योग पर निर्भर है। उन्होंने सरकार से ऐसे समझौते की मांग की जो दोनों क्षेत्रों की समृद्धि सुनिश्चित करे।
उल्लेखनीय है कि भारत-अमेरिका अंतरिम समझौता दोनों देशों के बीच पारस्परिक और लाभकारी व्यापार ढांचे के रूप में घोषित किया गया है। इसके तहत कई अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर शुल्क घटाया या समाप्त किया जाएगा। वहीं अमेरिका कुछ भारतीय वस्तुओं, विशेषकर वस्त्र, परिधान, चमड़ा, फुटवियर, रसायन और अन्य उत्पादों पर 18 प्रतिशत शुल्क लागू करेगा। पूर्ण क्रियान्वयन के बाद कुछ क्षेत्रों में शुल्क हटाने की भी बात कही गई है।
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