जल जीवन मिशन घोटाला: उदयपुर से मुख्य अभियंता दिनेश गोयल गिरफ्तार
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फाइव स्टार होटल में छिपा था आरोपी
उदयपुर, 17 फरवरी: जल जीवन मिशन (जेजेएम) में करीब 900 करोड़ रुपए के कथित घोटाले के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता दिनेश गोयल को उदयपुर से गिरफ्तार किया। एसीबी टीम ने शहर के समीप स्थित सितारा होटल ताज अरावली में दबिश देकर यह कार्रवाई की।
फर्जी प्रमाण पत्रों से हासिल किए गए करोड़ों के टेंडर
ब्यूरो सूत्रों के अनुसार मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी के प्रोपराइटर महेश मित्तल और मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी के प्रोपराइटर पदमचंद जैन ने इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र तैयार किए। इन प्रमाण पत्रों के जरिए पीएचईडी के उच्च अधिकारियों से मिलीभगत कर राजस्थान में करीब 960 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल किए गए।
टेंडर प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन
एसीबी जांच में सामने आया कि पीएचईडी के अधिकारियों ने आपराधिक मंशा से 50 करोड़ से अधिक के मेजर प्रोजेक्ट्स की निविदाओं में साइट विजिट प्रमाण पत्र को नियमों के विरुद्ध शामिल किया। इससे बोलीदाताओं की पहचान उजागर हुई और टेंडर पुलिंग के जरिए अप्रत्याशित रूप से ऊंचे टेंडर प्रीमियम स्वीकृत किए गए।
प्रदेशभर में एक साथ दबिश, 9 आरोपी गिरफ्तार
आईजी राजेश सिंह और डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में एसीबी की डेढ़ दर्जन टीमों ने जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, करौली, दिल्ली सहित 6 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इस दौरान मुख्य अभियंता दिनेश गोयल सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और एसीबी का कहना है कि घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
