राजस्थान में अब सिर्फ एक ग्रामीण बैंक
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‘एक राज्य–एक ग्रामीण बैंक’ नीति के तहत दो बैंकों का विलय, सांसद के सवाल पर सरकार का जवाब
उदयपुर, 9 मार्च: केंद्र सरकार की ‘एक राज्य–एक ग्रामीण बैंक’ नीति के तहत राजस्थान में अब केवल एक ही क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक कार्यरत रहेगा। प्रदेश में पहले से संचालित बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक का विलय कर नया बैंक राजस्थान ग्रामीण बैंक (RGB) बनाया गया है, जिसने 1 मई 2025 से कामकाज शुरू कर दिया है।
यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने उदयपुर सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत के सवाल के जवाब में दी। सांसद रावत ने संसद में इस नीति के उद्देश्य और इसके प्रभाव को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।
सरकार ने बताया कि देशभर में ग्रामीण बैंकों के विलय की प्रक्रिया के तहत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह व्यवस्था लागू की गई है। इनमें राजस्थान के अलावा आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इस प्रक्रिया के बाद देश में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) की संख्या 43 से घटकर 28 रह गई है।
सरकार के अनुसार विलय से बैंकों का पूंजी आधार मजबूत होगा, जिससे वे बड़े ऋण देने और आर्थिक चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकेंगे। साथ ही किसानों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को डिजिटल बैंकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि विलय से कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित रहेगी।
