राजसमंद कलेक्टर का अनूठा प्रण, बोले—लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो नहीं लूंगा वेतन
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राजसमंद प्रशासन ने लिया सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में गरीबों को समय पर हक दिलाने का संकल्प
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राजसमंद, 17 जनवरी: राजसमंद जिले में लंबित सरकारी योजनाओं को तय समय में पूरा कराने के लिए राजसमंद कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने एक अनुकरणीय और सख्त निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि 28 जनवरी तक पालनहार योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) से जुड़े सभी लंबित आवेदनों का शत-प्रतिशत सत्यापन नहीं हुआ, तो वे जनवरी माह का वेतन नहीं लेंगे। इसके साथ ही कलेक्टर ने लेखाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जब तक सभी उपखंड अधिकारी सत्यापन पूर्ण होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर देते, तब तक वेतन बिल तैयार न किया जाए।
कलेक्टर के अनुसार जिले में पेंशन के लगभग 23 हजार, पालनहार योजना के 3 हजार 200 और एनएफएसए के करीब 700 आवेदन अभी सत्यापन के अभाव में लंबित हैं। इन सभी मामलों को 28 जनवरी तक निपटाने के निर्देश संबंधित उपखंड अधिकारियों को दिए गए हैं, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
कलेक्टर के इस निर्णय का प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। जिले के कई उपखंड अधिकारियों ने भी वेतन नहीं लेने की घोषणा की है। राजसमंद एसडीएम ब्रजेश गुप्ता ने बताया कि कलेक्टर के निर्णय के बाद वे स्वयं कर्मचारियों के साथ मिलकर सत्यापन कार्य की निगरानी कर रहे हैं और प्रयास है कि तय समय सीमा से पहले सभी लंबित प्रकरण पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ तो वे भी वेतन नहीं लेंगे।
सत्यापन प्रक्रिया को गति देने के लिए 23 जनवरी को जिले के विद्यालयों में पेरेंट्स-टीचर मीटिंग आयोजित की जाएगी। इसमें पालनहार योजना के लाभार्थी बच्चों और उनके अभिभावकों को बुलाकर मौके पर ही अध्ययन प्रमाण पत्र तैयार किए जाएंगे और उन्हें ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। इसके लिए 21 जनवरी को शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ चुका है, उनका पालनहार सत्यापन हर हाल में पूरा हो, पेंशन के पात्र गरीबों को भटकना न पड़े और एनएफएसए के तहत पात्र परिवारों को तुरंत गेहूं का लाभ मिले। यह निर्णय प्रशासनिक जवाबदेही और संवेदनशील शासन का उदाहरण माना जा रहा है।
