राजसमंद एसपी ममता गुप्ता पर सांसद महिमा कुमारी के गंभीर आरोप
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सीएम को लिखे दो पत्रों में 13 शिकायतें, निलंबन की मांग से बढ़ा प्रशासनिक विवाद
उदयपुर, 5 फरवरी: राजस्थान में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच टकराव का एक नया मामला सामने आया है। राजसमंद से भाजपा सांसद महिमा कुमारी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को दो पत्र लिखकर जिले की पुलिस अधीक्षक (एसपी) ममता गुप्ता के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। सांसद ने 24 दिसंबर 2025 और 7 जनवरी 2026 को भेजे पत्रों में कुल 13 शिकायतों का उल्लेख करते हुए एसपी को निलंबित करने की मांग की है।
कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप
महिमा कुमारी का कहना है कि एसपी के प्रशासनिक निर्णयों से जिले की कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई है और आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस की कार्यशैली से जनता में असंतोष और असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
नाथद्वारा गोलीकांड पर सवाल
सांसद ने अपने पत्र में नाथद्वारा गोलीकांड को लेकर एसपी की भूमिका पर सवाल उठाए। 2 मार्च 2025 को गणेश टेकरी क्षेत्र में नशा करते समय हुई गोलीबारी में युवक अक्षय कुमावत की मौत हो गई थी। सांसद का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को दबाने और दोषियों को संरक्षण देने की कोशिश की। हालांकि बाद में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
महिला सुरक्षा मामलों में लापरवाही
महिमा कुमारी ने महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक अपहरण और दुष्कर्म प्रकरण में पुलिस ने पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठाते हुए एफआर लगा दी, जिससे न्याय प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हुए।
रेत माफिया को संरक्षण का दावा
पत्र में कुंवारिया गांव में अवैध बजरी खनन और रेत माफियाओं को संरक्षण देने की शिकायत भी शामिल है। सांसद के अनुसार 31 अक्टूबर 2025 को अवैध खनन के खिलाफ आंदोलन करने वालों पर पुलिस ने कार्रवाई की, जबकि माफियाओं के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाए गए।
प्रशासनिक विफलता और कार्रवाई की मांग
सांसद ने एसपी पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
एसपी ममता गुप्ता बोलीं, वह नियमों के तहत कर रहीं कार्य
एसपी ममता गुप्ता ने कहा कि इस तरह की शिकायतें सामान्य हैं और वे नियमों के तहत निष्ठा से कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रतिक्रिया में यह भी कहा कि सांसद को स्वयं इस पर जवाब देना चाहिए।
