गंगरार के गांवों में दो माह से नहीं पहुंचा राशन, ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
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डीलर बोला— सिस्टम में स्टॉक दिख रहा, लेकिन वास्तविकता में गाड़ी ही नहीं आई
चित्तौड़गढ़, 16 फरवरी: चित्तौड़गढ़ जिले की गंगरार तहसील के गांव इन्दौरा में पिछले दो महीनों से उचित मूल्य की दुकान पर राशन सामग्री नहीं पहुंचने का मामला सामने आया है। गेहूं, चावल सहित अन्य खाद्य सामग्री का वितरण बंद होने से परेशान ग्रामीण और राशन डीलर सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर जल्द समाधान की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि समय पर राशन नहीं मिलने से कई जरूरतमंद परिवारों के सामने रोजमर्रा का खर्च चलाने की समस्या खड़ी हो गई है। लोगों का कहना है कि सरकारी योजना के तहत मिलने वाला राशन ही उनके जीवन का सहारा है, लेकिन लगातार दो माह से वितरण नहीं हो पाया।
राशन डीलर गिरिराज गर्ग ने बताया कि दुकान पर स्टॉक नहीं होने के कारण वितरण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सिस्टम में राशन सामग्री का स्टॉक चढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन हकीकत में पिछले दो महीनों से राशन की गाड़ी गांव तक पहुंची ही नहीं।
डीलर ने बताया कि वर्ष 2022 में पूर्व राशन डीलर पर गबन का आरोप लगा था, जिसके बाद उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। वर्तमान में उसी पुराने मामले का अंकन रिकॉर्ड में जुड़ा होने के कारण स्टॉक जारी नहीं हो पा रहा है।
गिरिराज गर्ग ने मांग की कि पुराने प्रकरण का तकनीकी अंकन हटाकर नियमित रूप से राशन सामग्री भिजवाई जाए ताकि वितरण सुचारू हो सके।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि तकनीकी या प्रशासनिक कारण से स्टॉक रुका है तो उसे तुरंत ठीक किया जाए। रसद अधिकारी हितेश जोशी ने भी कहा कि मामले की जांच कर जल्द समाधान निकाला जाएगा ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
