रोडवेज बसों में दोगुनी भीड़, सीटों को लेकर भिड़े यात्री
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ऑनलाइन बुकिंग वाले रह गए बाहर, बिना टिकट यात्रियों ने किया कब्जा
उदयपुर, 25 फरवरी: राजस्थान में निजी बस संचालकों की हड़ताल का सीधा असर यात्रियों पर दिखने लगा है। निजी बसें बंद होने से पूरा दबाव रोडवेज बसों और ट्रेनों पर आ गया है। मंगलवार रात उदयपुर रोडवेज बस स्टैंड पर हालात ऐसे रहे कि बसों की क्षमता से दोगुने यात्री पहुंच गए।
रात साढ़े नौ बजे उदयपुर से जोधपुर वाया गोगुंदा, रणकपुर और फालना जाने वाली बस जैसे ही प्लेटफॉर्म पर लगी, यात्री धक्का-मुक्की करते हुए अंदर चढ़ गए। कुछ ही मिनटों में बस पूरी तरह भर गई और खड़े होने की भी जगह नहीं बची।
सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हुई जिन्होंने ऑनलाइन टिकट बुक कर रखी थी। कई यात्रियों की आरक्षित सीटों पर बिना टिकट या अनारक्षित यात्री पहले से बैठे मिले। विरोध करने पर बहस शुरू हो गई। करीब दस से अधिक ऐसे यात्री थे जिन्हें अपनी सीट के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। अंततः कंडक्टर को हस्तक्षेप कर सीट खाली करवानी पड़ी।
ट्रेन पकड़ने वाले परिवार की बढ़ी मुश्किलें
एक परिवार को रात एक बजे पिंडवाड़ा से ट्रेन पकड़नी थी। भीड़ देखकर उन्होंने टैक्सी से जाने का निर्णय लिया, लेकिन देर रात वाहन नहीं मिला। काफी इंतजार के बाद परिवार परेशान होकर लौट गया।
जहां रहती थी रौनक, वहां पसरा सन्नाटा
उदयापोल क्षेत्र में निजी ट्रैवल बसों के बुकिंग कार्यालयों के बाहर आमतौर पर रात दस बजे के बाद भी भीड़ रहती है, लेकिन हड़ताल के कारण सभी कार्यालय बंद रहे। गुजरात के सूरत, बड़ौदा, अहमदाबाद और राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, कोटा जाने वाले यात्री मुख्य सड़क पर साधन की तलाश में खड़े नजर आए।
