राजस्थानी स्वाद पर बोले संजीव कपूर: “अपनी थाली पर गर्व करें”
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चक्के की सब्जी से केर-सांगरी तक—परंपरागत व्यंजनों को घर-घर लौटाने का आह्वा
उदयपुर, 26 फरवरी (सुभाष शर्मा): भारतीय पाक कला को वैश्विक पहचान दिलाने वाले सेलिब्रिटी शेफ संजीव कपूर ने उदयपुर प्रवास के दौरान राजस्थानी व्यंजनों को लेकर खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी थाली और पारंपरिक स्वाद पर गर्व करना चाहिए, क्योंकि यही हमारी असली पहचान है।
कपूर ने विशेष रूप से ‘चक्के की सब्जी’ को अपनी पसंदीदा डिश बताते हुए कहा कि यह स्वाद अब घरों और रेस्टोरेंट्स दोनों में कम होता जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने केर-सांगरी, मंगोड़ी और गट्टे की सब्जी जैसे व्यंजनों का उल्लेख किया और कहा कि ये केवल रेसिपी नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि खाना केवल स्वाद नहीं, बल्कि रंग, खुशबू और प्रस्तुति का विज्ञान है। “पहले डिश को आंख बंद कर विजुअलाइज करता हूं, फिर उसे प्लेट में उतारता हूं,” उन्होंने बताया। सूर्यास्त के रंगों से प्रेरित होकर लाल शिमला मिर्च की ग्रेवी बनाने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कुकिंग में क्रिएटिविटी और साइंस के संतुलन पर जोर दिया।
स्वास्थ्य के संदर्भ में उन्होंने नमक, चीनी और तेल का सीमित उपयोग करने की सलाह दी। “घर का खाना ज्यादा तेल से नहीं, संतुलन से स्वादिष्ट बनता है,” उन्होंने कहा। जंक फूड से बचने और पारंपरिक, स्थानीय अनाज—विशेषकर मिलेट्स—को अपनाने की अपील की।
कपूर ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए स्किल, गहरी समझ और मजबूत मूल्य प्रणाली जरूरी है। उन्होंने भारतीय खानपान को विश्व मंच पर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा, “जब हम खुद अपने व्यंजनों को सम्मान देंगे, तभी दुनिया भी उन्हें अपनाएगी।”
