आदिवासी अंचल के सुमित का चयन राष्ट्रीय फुटबॉल कैंप में
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पिता मजदूर, मां स्कूल में बनाती हैं पोषाहार
सलूम्बर, 1 जनवरी: आदिवासी अंचल में सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर मेहनत के बल पर सपनों को साकार किया जा सकता है—इसका जीवंत उदाहरण जावर माइंस क्षेत्र के महादेव की नाल निवासी सुमित मीणा ने प्रस्तुत किया है। राज्य स्तरीय अंडर-17 फुटबॉल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद सुमित का राष्ट्रीय फुटबॉल कैंप के लिए चयन हुआ है, जिससे पूरे सलूम्बर जिले में हर्ष और गर्व का वातावरण है।
राज्य स्तरीय खिलाड़ी सुमित मीणा वर्तमान में कोटा वोकेशनल हॉस्टल में अध्ययनरत हैं। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने महादेव की नाल विद्यालय से प्राप्त की। ग्रामीण और संसाधनहीन परिवेश से निकलकर सुमित ने फुटबॉल में निरंतर अभ्यास और आत्मानुशासन के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई। वे सलूम्बर जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए विभिन्न राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं और हर मंच पर प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।
प्रशिक्षक कन्हैया लाल ने बताया कि सुमित का चयन उसकी मेहनत, नियमित अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि सुमित शुरू से ही अनुशासित खिलाड़ी रहा है और हर मुकाबले को सीखने के अवसर के रूप में लेता है।
सुमीत की सफलता इसलिए भी प्रेरणादायक है क्योंकि उनकी माता महादेव की नाल विद्यालय में पोषाहार निर्माण का कार्य करती हैं, जबकि पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद माता-पिता के सहयोग और विद्यालय के शारीरिक शिक्षक के मार्गदर्शन से सुमित निरंतर आगे बढ़ता रहा।
